कई बार हम ऐसे रोग से ग्रस्त हो जाते हैं, जिसकी वजह से हमें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और ऐसी ही दिक्कतों से जूझते हैं ब्राजील के 37 वर्षीय मॉडल रोजर मोंटे। दरअसल, वो विटिलिगो यानी शरीर में होने वाले सफेद दाग की बीमारी से ग्रस्त हैं, जिसकी वजह से हमारे समाज में उन्हें वो बराबरी मिल नहीं पाती जिसके वो असल में हकदार हैं। यही नहीं, रोजर बताते हैं कि लोग बस में उनके बगल में बैठने से परहेज सिर्फ इसलिए करते हैं कि कहीं ये रोग उन्हें भी न हो जाए। तो चलिए जानते हैं इस बीमारी के बारे में विस्तार से।
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कितनी खतरनाक है विटिलिगो बीमारी? जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपाय
Mon, 18 Jan 2021 02:19 PM IST
प्रकाश चंद जोशी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रकाश चंद जोशी
Updated Mon, 18 Jan 2021 02:19 PM IST
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क्या है ये बीमारी?
- विटिलिगो जिसे हम सफेद दाग की समस्या भी कहते हैं, ये एक प्रकार का चर्मरोग है। इस बीमारी में शरीर के कई हिस्सों में सफेद दाग बन जाते हैं। ये शरीर के किसी भी भाग में हो सकते हैं। देखने में ये बिल्कुल ऐसे लगते हैं जैसे किसी ने व्यक्ति के शरीर के ऊपरी भाग की चमड़ी को निकाल दिया हो, लेकिन वास्तव में ऐसा होता नहीं है। इस रोग को लेकर लोगों के मन में कई तरह की भ्रांतियां होती हैं कि ये रोग एक व्यक्ति से दूसरे में फैलता है, लेकिन ऐसा नहीं होता है।
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किन कारणों से हो सकती है ये बीमारी?
- इस बीमारी के होने के पीछे डॉक्टर्स मानते हैं कि जब हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम यानी प्रतिरक्षा प्रणाली हमारे ही शरीर को नुकसाने पहुंचाने लगता है, तब ऐसा होता है। इस रोग में शरीर में मेलेनोसाइटज सेल्स यानी त्वचा में रंग बनाने वाली कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं या फिर काम करना बंद कर देती हैं। इस वजह से त्वचा और बालों का रंग हल्का होने लगता है या फिर सफेद हो जाता है। इसके अलावा अगर किसी व्यक्ति के माता-पिता में किसी को ये बीमारी है तो दो से चार फीसदी लोगों को ये बीमारी हो सकती है।
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क्या हैं लक्षण?
- इस बीमारी के कई लक्षण हैं, जिनसे इसे पहचाना जा सकता है। इसका सबसे पहला और शुरुआती लक्षण है कि व्यक्ति की त्वचा का रंग फीका पड़ने लगता है और उसी जगह पर बाल भी सफेद होने लगते हैं। वहीं, अगर शरीर में कोई भाग सफेद हो जाए और इसके बाद आपको चोट लग जाए और वो भाग भी सफेद हो जाए, तो ये लक्षण है जिससे आप ये समझ सकते हैं कि ये बीमारी आपके शरीर में तेजी से फैल रही है। इसके अलावा सूर्य के प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता, नाभि, कमर, जननांगों और मलाशय क्षेत्र के पास छोटे सफेद धब्बे होना आदि इसके लक्षण हैं।
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सफेद दाग से बचने के ये हैं उपाय
- आयुर्वेद के अनुसार इस बीमारी से बचने के लिए रोगी को तांबे के बर्तन में पहले तो आठ घंटे तक पानी को रखना चाहिए, और फिर इसको पीना चाहिए। गाजर, सोयाबीन, दालें, हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना चाहिए। साथ ही करेले की सब्जी का ज्यादा से ज्यादा सेवन करना चाहिए। साबुन और डिटरजेंट का भी इस्तेमाल बेहद कम करना चाहिए। एलोपैथी, होम्योपैथी और आयुर्वेद तीनो में इस बीमारी का इलाज संभव है। डॉक्टर दवाईयों, थेरेपी व सर्जरी की मदद से इसका इलाज करते हैं। इसलिए इसका सबसे बड़ा उपाय यही है कि जब भी आपको इस बीमारी के लक्षण हो, आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
नोट: यह सलाह केवल आपको सामान्य जानकारी प्रदान करने के लिए दी गई है। आप किसी भी चीज का सेवन या कोई भी घरेलू उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।