दुनियाभर में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ता ही जा रहा है। अमेरिका, ब्रिटेन, ब्राजील, रूस, भारत समेत दुनिया के कई देश इससे बुरी तरह प्रभावित हैं। कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने को लेकर भारत समेत कई देशों के वैज्ञानिक शोधरत हैं। वहीं दूसरी ओर इसकी दवा तैयार करने में भी कई कंपनियां लगी हुई है। हालांकि इसका कोई सटीक इलाज अबतक नहीं मिल पाया है। पिछले दिनों फैबिफ्लू, डेक्सामेथासोन जैसी कुछ दवाओं को डॉक्टरों की निगरानी में कोरोना के इलाज में इस्तेमाल करने की अनुमति मिली है। पहले से भी उपलब्ध कुछ दवाओं की मदद से मरीज ठीक हो रहे हैं। लेकिन हाल ही में सामने आए कुछेक शोध अध्ययन स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा रहे हैं। कोरोना से ठीक हो जाने के बावजूद लोगों को एक गंभीर बीमारी से जूझना पड़ रहा है।
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Coronavirus Effect: कोरोना वायरस से ठीक होने के बाद भी इस गंभीर बीमारी का है खतरा
Sat, 11 Jul 2020 02:04 AM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Sat, 11 Jul 2020 02:04 AM IST
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कोरोना से ठीक हो जाने के बावजूद लोगों को एक गंभीर बीमारी से जूझना पड़ रहा है(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Pixabay
प्रतीकात्मक तस्वीर
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- शोध अध्ययन की रिपोर्टों के मुताबिक, कोरोना से संक्रमित होने वाले मरीजों को कुछ अलग तरह के न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर से जूझना पड़ रहा है। कोरोना से संक्रमित मरीज किसी विषय पर ठीक तरह से सोच पा रहे हैं। मरीजों को चिड़चिड़ापन भी महसूस हो रहा है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा हाल ही में किए गए अध्ययन में इस बात की आशंका जताई गई है कि इस न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर का मरीज के दिमाग पर लंबे समय तक असर रह सकता है।
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- कुछ दिन पहले मेडिकल कॉलेज ऑफ लंदन अस्पताल के शोध अध्ययन में ही इसी तरह की बात सामने आई थी। इस शोध अध्ययन की रिपोर्ट में कहा गया था कि कोरोना से संक्रमित मरीजों के दिमाग में सूजन देखने को मिल रही है। लंदन के वैज्ञानिकों के मुताबिक कोरोना संक्रमित मरीजों को होने वाली सूजन दुर्लभ है, जिसे मेडिकल टर्म में एक्यूट डिसेमिनेटेड इंसिफेलो माइलिटिस (ADEM) कहते हैं।
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- शोध अध्ययन में बताया गया है कि संक्रमित व्यक्ति अपने आसपास के माहौल के बारे में उतना जागरूक नहीं रहता है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के व्यवहार में चिड़चिड़ापन भी देखा जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह गंभीर चिंता का विषय है कि कोरोना वायरस मरीज के दिमाग और व्यवहार पर इस तरह का गहरा असर छोड़ रहा है।
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- यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन में न्यूरोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ माइकल जेंडी के मुताबिक, जब दुनियाभर में बड़े पैमाने पर कोई महामारी फैलती है तो उसका असर इंसान के दिमाग पर भी पड़ता है। 1920 और 1930 के दशक में फैले इंफ्लूएंजा/फ्लू के समय भी इसी तरह का असर देखा गया था।