ब्लड प्रेशर, मौजूद समय की सबसे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। इसका बढ़ना और कम होना, दोनों ही स्थितियां शारीरिक समस्याओं का कारण बन सकती हैं। ब्लड प्रेशर बढ़ने से हृदय रोग की समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है, जबकि इसका कम होना कमजोरी थकान और कुछ गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को बढ़ा सकता है।
Health Tips: ये चार आदतें आपको ब्लड प्रेशर रोगी बनने से बचाएंगी, बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सभी करें दिनचर्या में शामिल
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नियमित व्यायाम की आदत
शारीरिक निष्क्रियता को ब्लड प्रेशर की समस्या का मुख्य कारक माना जाता है। ऐसे में नियमित व्यायाम, यहां तक कि वॉक करने की आदत भी रक्तचाप को कंट्रोल करने में आपके लिए मददगार हो सकती है। व्यायाम हृदय को मजबूत करता है, जिससे वह अधिक कुशलता से रक्त पंप कर पाता है। इसके अलावा व्यायाम की आदत आपके वजन को कंट्रोल करने में भी सहायक है जो रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद करती है।
तनाव कम करने वाले उपाय
अध्ययनों से पता चलता है कि अधिक तनाव लेने वाले लोगों में समय से पहले ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा हो सकता है। तनाव के कारण शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन जैसे हार्मोन रिलीज होते हैं। ये हार्मोन आपके हृदय गति को बढ़ाकर रक्त वाहिकाओं को संकुचित करके रक्तचाप को बढ़ा सकते हैं। इस तरह से तनाव को कम करने वाले उपाय रक्तचाप को नियंत्रित करने में आपके लिए सहायक हैं। इसके लिए योग-मेडिटेशन की आदत बनाइए।
आहार में बढ़ाइए पोटैशियम की मात्रा
पोटैशियम युक्त आहार का सेवन आपके हृदय और धमनियों को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक है। आलू, केला, पालक और बीन्स जैसे खाद्य पदार्थों में पोटैशियम होता है। प्रतिदिन 2,000 से 4,000 मिलीग्राम पोटेशियम लेने से रक्तचाप कम करने में मदद मिल सकती है। टमाटर, एवोकाडो, तरबूज और सूखे मेवे भी आपकी दैनिक पोटैशियम की आवश्यकताओं की आसानी से पूर्ति कर सकते हैं, इन्हें आहार में जरूर शामिल करें।
अच्छी नींद लेना जरूरी
रक्तचाप और हृदय रोगों की समस्या से बचे रहने के लिए अच्छी नींद लेना बहुत जरूरी माना जाता है। जो लोग छह घंटे या उससे कम सोते हैं उनमें रक्तचाप में तेज वृद्धि होने का जोखिम अधिक होता है। यदि आपको पहले से ही उच्च रक्तचाप की समस्या है, तो रात में अच्छी नींद लेकर आप इसे कंट्रोल में रख सकते हैं। नींद आपके शरीर को तनाव और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने में भी मदद करती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।