विश्व भर में हर दिन नाजाने कितनी मौतें होती हैं, बस इन सबके कारण अलग-अलग होते हैं। किसी की दुर्घटना में तो, किसी की कोई बीमारी की वजह से जान जाती है। बात इस साल की ही करें तो इस साल कोरोना वायरस महामारी की वजह से काफी मौतें हो रही हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पिछले 20 सालों में सबसे ज्यादा मोतें किस वजह से हुई हैं? शायद नहीं, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से इसको लेकर एक हेल्थ रिपोर्ट जारी की गई, जिसके मुताबिक विश्व में पिछले 20 साल में सबसे ज्यादा मौतें दिल की बीमारी से हुईं।
दिल की बीमारी के कारण दुनिया में सबसे ज्यादा मौतें, रिपोर्ट में हुए कई चौंकाने वाले खुलासे
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रिपोर्ट पर अगर गौर करें तो विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से जारी इस रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनियाभर में पिछले 20 सालों में सबसे ज्यादा मौतें दिल की बीमारी से हुईं हैं, जिसमें साल 2000 से लेकर 2019 तक हुई मौतें शामिल हैं। साथ ही रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि डायबिटीज के अलावा अब भूलने की बीमारी यानी डिमेंशिया भी दुनिया की उन 10 बीमारियों में शामिल है जो सबसे ज्यादा लोगों की मौत का कारण बन रही हैं। इसके अलावा रिपोर्ट की मानें तो इन 10 बीमारियों में 7 ऐसी बीमारियां हैं, जो एक इंसान से दूसरे इंसानी शरीर में नहीं फैलतीं हैं।
रिपोर्ट में कई और बड़ी बातें बताई गई हैं, जिनके मुताबिक विश्वभर में बीमारियों से जितनी भी मौतें हुईं हैं उनमें हृदय रोगों से हुईं मौतें 16 फीसदी हैं। इस्केमिक हार्ट डिसीज से भी कई मौतें हुई हैं, इस बीमारी से पिछले 20 सालों में 20 लाख से अधिक मौतें हुईं हैं। वहीं, दूसरे नंबर पर स्ट्रोक है। इस पर विश्व स्वास्थ्य संगठन के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस अधानोम का कहना है कि, 'ये सभी आंकड़े एक रिमाइंडर की तरह हैं, ये हमें बताते हैं कि हमें नॉन कम्युनिकेबल डिसीज का तेजी से बचाव करने की जरूरत है। साथ ही इसकी जांच और इलाज करने की भी जरूरत है। हम शरीर की जो शुरुआती देखभाल करेंगे, वो ही हमें ऐसी बीमारियों से बचाएगी और वैश्विक महामारी से भी लड़ेगी।'
पिछले 20 साल में जिन 10 बीमारियों की वजह से सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं, उनमें डायरिया, लोवर रेस्पिरेट्री डिसीज, किडनी डिसीज, नियोनेटल कंडिशंस, ट्रेकिया ब्रॉन्कस और लंग कैंसर, क्रॉनिक ऑबट्रक्टिव प्लमोनरी डिसीज, अल्जाइमर्स डिमेंशिया, इस्केमिक हार्ट डिसीज, डायबिटीज और स्ट्रोक जैसी बीमारियां शामिल हैं। रिपोर्ट बताती है कि डायबिटीज भी लोगों की मौत के लिए काफी जिम्मेदार है। इस मामले में ये बीमारी 9वें स्थान पर है। नजरें अगर पिछले दो दशकों पर दौड़ाएं तो इससे होने वाली मौतों में 70 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जिसमें पुरुषों की संख्या 80 फीसदी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की इस रिपोर्ट के मुताबकि, हार्ट की बीमारी के बाद अगर सबसे ज्यादा मौतें किसी बीमारी से हुई है, तो वो है सांस से जुड़ी बीमारियां। जहां तीसरे नंबर पर क्रॉनिक ऑबस्ट्रेक्टिव पल्मोनरी और चौथे नंबर पर लोवर रेस्पिरेटरी इंफेक्शन है। लोवर रेस्पिरेटरी इंफेक्शन से पिछले 20 सालों में 26 लाख मौतें हुईं हैं। हालांकि, इस रिपोर्ट में एक राहत की बात ये भी बताई गई है कि विश्वभर में 20 साल पहले एड्स से होने वाली मौतों की वजह से ये बीमारी 8वें नंबर पर थी, लेकिन अब ये खिसकर 19वें पायदान पर चली गई है। इसके अलावा टीबी अब दुनिया की 10 बीमारयों में शामिल नहीं है। साथ ही मलेरिया से होने वाली मौतों के आंकड़े में भी कमी देखी गई है।