ब्लड शुगर लेवल का अक्सर बढ़ा रहना आपके पूरे शरीर पर असर डाल सकता है। डायबिटीज के मरीजों में आंखों की रोशनी कमजोर होने, दिल की बीमारी का खतरा बढ़ने, किडनी फेलियर और मेटाबॉलिज्म की समस्याओं का जोखिम अधिक होता है, ये हम सभी पढ़ते-सुनते आ रहे हैं। पर क्या आप जानते हैं कि अगर शुगर लेवल कंट्रोल में नहीं है तो इसका कानों पर भी असर हो सकता है। इतना ही नहीं बढ़ा हुआ शुगर लेवल आपमें बहरेपन का खतरा भी बढ़ाने वाला हो सकता है।
Diabetes: डायबिटीज है तो हो जाएं सावधान, हाई शुगर के कारण आंख और कान दोनों हो सकते हैं खराब
Diabetes Causes Deafness: जब लंबे समय तक ब्लड शुगर कंट्रोल में नहीं रहती, तो यह शरीर की छोटी रक्त वाहिकाओं और नसों को नुकसान पहुंचाती है। यही नसें और सूक्ष्म रक्त नलिकाएं आंखों और कानों जैसे संवेदनशील अंगों को सही तरीके से काम करने में मदद करती हैं।
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डायबिटीज रोगियों में कम सुनाई देने की समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से डायबिटीज का खतरा कम उम्र के लोगों में भी बढ़ता जा रहा है, इसे लेकर सभी लोगों को अलर्ट हो जाना चाहिए। नियमित रूप से शुगर की जांच और इसे कंट्रोल में रखने वाले उपाय आपको किसी बड़ी समस्या से सुरक्षित रखने में मददगार हो सकते हैं।
- जब लंबे समय तक ब्लड शुगर कंट्रोल में नहीं रहती, तो यह शरीर की छोटी रक्त वाहिकाओं और नसों को नुकसान पहुंचाती है।
- यही नसें और सूक्ष्म रक्त नलिकाएं आंखों और कानों जैसे संवेदनशील अंगों को सही तरीके से काम करने में मदद करती हैं।
- डायबिटीज के कारण जब इन पर असर पड़ता है, तो आंखों की रोशनी कम होने के साथ-साथ धीरे-धीरे सुनने की क्षमता भी घटने लगती है।
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शुगर लेवल बढ़ने का कानों पर क्या असर होता है?
हेयरिंग हेल्थ फाउंडेंशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक शुगर लेवल बढ़े रहने के कारण आंखों की ही तरह कानों की छोटी-छोटी नसें कमजोर होने लगती हैं।
- कान के अंदर की बहुत छोटी ब्लड वेसल्स होती है जो बेहद संवेदनशील भी होती हैं। खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़े रहने के कारण इनके सिकुड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
- कान की छोटी और नाजुक नसों को होने वाली क्षति के कारण सबसे पहले टिनिटस (कान में घंटी बजने) या शब्दों को साफ न सुन पाने की समस्या हो सकती है।
- चूंकि डायबिटीज एक सिस्टमिक प्रॉब्लम है, इसलिए आमतौर पर इससे दोनों कान प्रभावित होते हैं।
कानों की समस्याओं के क्या लक्षण हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हाई शुगर के कारण आंखों को होने वाली समस्याओं के लक्षण आमतौर पर जल्दी दिखने लगते हैं, पर सुनने की क्षमता में कमी का पता चलने में लंबा समय लग सकता है। अगर आपका शुगर लेवल अक्सर बढ़ा हुआ रहता है तो कान से संबंधित कुछ लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान दें। ये संकेत हो सकते हैं कि हाई शुगर आपके सुनने की क्षमता पर भी असर डालने लगी है।
- कानों में घंटी बजने की समस्या।
- ज्यादा शोर वाली जगह पर बात समझने में मुश्किल होना।
- हमेशा दूसरों से वही दोहराने के लिए कहना जो उन्होंने कहा है।
- शिकायत करना कि लोग बहुत धीरे-धीरे बोलते हैं।
- टेलीविजन या मोबाइल का वॉल्यूम सामान्य से ज्यादा तेज रखना।
डायबिटीज के मरीज कैसे रखें अपने कानों का ख्याल?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डायबिटीज के मरीजों को अपने शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने के लिए नियमित रूप से प्रयास करते रहना चाहिए।
- ब्लड शुगर को नियमित रूप से कंट्रोल में रखें
- समय-समय पर हियरिंग टेस्ट करवाएं
- धूम्रपान और शराब से बचें, इससे भी कानों को नुकसान हो सकता है।
- शुगर कंट्रोल रखने के लिए पौष्टिक आहार और नियमित व्यायाम की आदत बनाना भी जरूरी है।
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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।