वैश्विक स्तर पर पिछले एक दशक के आंकड़े उठाकर देखे तो पता चलता है कि हृदय रोग सबसे तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। कुछ वर्षों पहले तक जहां हृदय रोगों को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या के तौर पर जाना जाता था, वहीं अब कम आयु के लोग भी इसके शिकार होते जा रहे हैं। इतनी ही नहीं 30-40 की आयु वाले लोगों में हार्ट अटैक के कारण मौत के मामले भी बढ़ते हुए देखे गए हैं। हृदय रोग की बढ़ती समस्याओं के लिए हाई कोलेस्ट्रॉल को प्रमुख कारण के तौर पर जाना जाता है।
सावधान: पैरों में दिख रहे हैं काले धब्बे? यह बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल का हो सकता है संकेत, तुरंत हो जाएं अलर्ट
हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण क्या हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ जीवनशैली की गड़बड़ी को कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का प्रमुख कारण मानते हैं। मुख्यरूप से वसायुक्त भोजन करने, पर्याप्त व्यायाम न करने, शरीर का वजन बढ़ने, धूम्रपान और शराब जैसी स्थितियां कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का कारण हो सकती हैं। अगर समय रहते इसपर ध्यान न दिया जाए तो स्थिति हृदय को भी नुकसान पहुंचाना शुरू कर देती है। कुछ लोगों में आनुवांशिक तौर पर भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा हो सकता है, ऐसे में अपने जोखिम कारकों के बारे में सभी लोगों को जानना और इससे बचाव के उपाय करना आवश्यक है।
पैरों में हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण
आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ गया है, इसका अंदाजा पैरों की स्थिति में कुछ बदलाव के आधार पर भी लगाया जा सकता है। डॉक्टर्स बताते हैं कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण शरीर के निचले अंगों में भी रक्त का सुचारू प्रवाह बाधित होने लगता है जिसके कारण पेरिफिरल आर्टरी डिजीज (पीएडी) हो सकता है। पीएडी के कारण आपके पैरों के रंग में बदलाव आने लगता है। इस स्थिति में आपके पैरों का रंग नीला या काला होने लगता है और इसके साथ दर्द भी हो सकता है। चलने पर ये स्थिति और गंभीर हो सकती है हालांकि आराम करने के कुछ ही मिनटों में यह कम हो जाती है।
हाई कोलेस्ट्रॉल के जोखिम कारकों के बारे में जानिए
कुछ स्थितियां आपमें कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का कारण बन सकती हैं जिसको लेकर सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहना चाहिए। अगर इनपर समय रहते ध्यान न दिया जाए या इनकी रोकथाम न की जाए तो ये कम उम्र में ही हृदय रोगों का कारण बन सकती हैं। डॉक्टर्स बताते हैं कि बहुत अधिक सेचुरेटेड या ट्रांस फैट वाली चीजों का सेवन करना अस्वास्थ्यकर कोलेस्ट्रॉल का जोखिम बढ़ा देता है। इसके अलावा जिन लोगों का बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 30 या इससे अधिक होता है ऐसे लोगों में भी हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा अधिक हो सकता है।
कोलेस्ट्रॉल को कैसे नियंत्रित रखें?
हृदय की गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रहने के लिए कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कंट्रोल रखना बहुत आवश्यक माना जाता है। इसके लिए पांच बातों का विशेष ख्याल रखा जाना चाहिए।
- हृदय को स्वस्थ रखने वाले भोजन करें।
- नियमित रूप से व्यायाम-योग की आदत बनाएं।
- धूम्रपान शरीर के लिए कई प्रकार से हानिकारक है, इससे दूरी बनाकर रखें।
- वजन कम करें, ऐसा करके कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
- शराब से परहेज करें, ये लिवर के साथ कोलेस्ट्रॉल और हृदय के लिए भी नुकसानदायक माना जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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