हृदय रोगों का जोखिम दुनियाभर में काफी तेजी से बढ़ता देखा जा रहा है, स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लगभग सभी उम्र के लोगों में इसका खतरा हो सकता है। जिस तरह से हमारी लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी है, इसका जोखिम किसी को भी हो सकता है। यही कारण है कि सभी उम्र के लोगों को हृदय को स्वस्थ और सेहतमंद रखने के उपाय करते रहने चाहिए।
Heart Health: कई बार बहुत स्पष्ट नहीं होते हैं हृदय रोगों के लक्षण, ऐसे करें इसकी पहचान
हाथ या पीठ दर्द
हृदय रोगों, विशेषकर हार्ट अटैक की स्थिति में अन्य लक्षणों को साथ डॉक्टर यह भी देखते हैं कि कहीं आपके बाएं हाथ या पीठ या फिर जबड़े में दर्द तो नहीं है? अगर ऐसा है तो इसे हार्ट अटैक के संकेत के तौर पर देखा जाता है। यह एनजाइना या दिल का दौरा पड़ने का संकेत हो सकता है। दर्द आपकी छाती में शुरू होता है जो कि शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैलने लग जाता है।
हालांकि इस प्रकार के दर्द के कई और भी कारण हो सकते हैं।
असामान्य थकान का बना रहना
दिनभर के कामकाज के बाद कभी-कभार थकान महसूस होना सामान्य है। लेकिन अगर आपको अक्सर ही थकान बनी रहती है तो इसे शरीर में होने वाली समस्याओं का संकेत भी माना जाता है। यह दिल के दौरे का भी संकेत हो सकता है। अस्पष्ट कारणों से अगर अक्सर थकान रहती है तो इस बारे में किसी डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें। सामान्य हृदय की समस्याओं में भी ये लक्षण काफी कॉमन है।
अंगों में सूजन की समस्या
अगर आपको हृदय रोग, विशेषकर हार्ट फेलियर की समस्या है तो इसके कुछ लक्षण आपके पैरों, टखनों, या पेट में भी दिख सकते हैं। आपको लग सकता है कि जैसे जूते तंग महसूस करते हैं।
जैसे ही आपके हृदय से रक्त का प्रवाह धीमा हो जाता है, नसों के माध्यम से रक्त वापस आ सकता है। आपके पैरों के निचले हिस्से में सूजन (एडीमा) होना हृदय की समस्या का संकेत माना जाता है। पैरों में अगर बिना चोट के ही सूजन रहती है तो इस बारे में डॉक्टर से बात करके जांच जरूर कराएं।
जोर से खर्राटे लेना
यदि आप अक्सर रात में जोर-जोर से खर्राटे लेते हैं, तो इसे भी हार्ट की समस्या का संकेत माना जाता है, यह स्लीप एपनिया के कारण हो सकता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसके कारण सोते समय आपकी सांस रुक जाती है। यह एट्रियल फ्रेबिलेशन से संबंधित हो सकता है। यदि आप अपने स्लीप एपनिया का इलाज नहीं करवाते हैं, तो आपको जानलेवा हृदय रोग होने का अधिक जोखिम हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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