हृदय रोग वैश्विक स्तर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक हैं। आंकड़ों के मुताबिक कोरोनरी हार्ट डिजीज (सीएडी) हृदय रोग का सबसे आम प्रकार है, जिससे 2021 में 3.75 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई। 20 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 20 वयस्कों में से लगभग 1 को (लगभग 5%) इस समस्या का जोखिम हो सकता है।
Heart Health: इन संकेतों का मतलब तुंरत कराइए हृदय की जांच, ये गंभीर रोगों की तरफ हो सकता है इशारा
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युवाओं में हृदय रोगों की समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, युवा लोगों (उम्र 35-64) में हृदय रोगों के मामले बढ़ते हुए रिपोर्ट किए जा रहे हैं। वैसे तो इसके कई कारण हो सकते हैं, जिसमें मोटापे, हाई कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर प्रमुख है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की रोपिर्ट के मुताबिक लगभग आधे अमेरिकियों में हृदय रोग के लिए शीर्ष तीन जोखिम कारकों (उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल और धूम्रपान) में से कम से कम एक की दिक्कत है।
डॉक्टर कहते हैं, कुछ स्थितियां हैं जो संकेत देती हैं कि आपके हार्ट में कोई समस्या हो सकती है, जिसको लेकर शीघ्रता से किसी विशेषज्ञ से मिलना चाहिए।
अक्सर फूलता है सांस?
यदि आप अक्सर सांस की तकलीफ का अनुभव करते रहते हैं तो इसे हृदय की समस्या के संकेत के तौर पर देखा जाना चाहिए। इस समस्या को चिकित्सकीय रूप से डिस्पेनिया कहा जाता है। इस तरह की स्थिति को गंभीर माना जाता है जिसमें अधिक देरी न करें और डॉक्टर से मिलें। हृदय से जुड़ी, सांस संबंधी समस्याएं अक्सर घरेलू काम करने और यहां तक कि सीढ़ियां चढ़ने जैसी स्थितियों में काफी बढ़ जाती है।
छाती में दर्द
सीने में दर्द एक प्रमुख संकेतक है कि आपके हृदय में कुछ समस्या हो सकती है। अक्सर सीने में बने रहने वाले दर्द को नजरअंदाज न करें और न ही इसे ओवर-द-काउंटर दवाओं से दबाने की कोशिश न करें। जिन लोगों का कोलेस्ट्रॉल या ब्लड प्रेशर अक्सर बढ़ा हुआ रहता है उनमें हृदय रोगों का खतरा अधिक हो सकता है। ऐसे रोगियों को अक्सर सांस फूलने, सीने में दर्द की समस्याओं को अनुभव हो सकता है। इस तरह के लक्षणों को हल्के में लेने की गलती नहीं की जानी चाहिए।
क्या आपकी है सेंडेंटरी लाइफस्टाइल?
सेंडेंटरी लाइफस्टाइल या दिन का अधिकतर समय अगर आपका बैठे-बैठे बीत जाता है तो सावधान रहें, ये स्थिति भी हृदय रोगों के जोखिमों को बढ़ाने वाली हो सकती है। अधिक समय तक बैठे रहना आपको शारीरिक रूप से निष्क्रिय बना देता है जो हृदय के लिए हानिकारक है। यदि आपकी जीवनशैली निष्क्रिय है, तो आपको नियमित रूप से अपने दिल की जांच करानी चाहिए। इस जोखिम के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए नियमित व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करना बहुत आवश्यक है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।