राजधानी दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में इन दिनों आंखों में संकमण की समस्या (कंजंक्टिवाइटिस या पिंक आइज) काफी तेजी से बढ़ती देखी जा रही है। डॉक्टर कहते हैं, अस्पतालों में आंखों की कई समस्याओं जैसे लालिमा, खुजली, दर्द, जलन-चुभन के साथ लोग आ रहे हैं। दिल्ली में पिछले दिनों हुई तेज बारिश और बाढ़ ने इस प्रकार के संक्रमण के खतरे को काफी बढ़ा दिया है। डॉक्टर कहते हैं, सभी लोगों को आई फ्लू से बचाव को लेकर सावधानियां बरतते रहने की आवश्यकता है।
जानना जरूरी: कंजंक्टिवाइटिस ही नहीं, दिल्ली में इन दो संक्रामक बीमारियों के भी बढ़ रहे हैं केस, हो जाएं अलर्ट
संक्रामक बीमारियों का बढ़ता जोखिम
बाढ़ और दूषित जल ने संक्रामक बीमारियों का जोखिम बढ़ी दिया है। दूषित जल के कारण पाचन स्वास्थ्य से संबंधित दिक्कतें बढ़ रही हैं। साथ ही इन दिनों जलजमाव की स्थिति भी है जो मच्छरों के प्रजनन के लिए सबसे अनुकूल मानी जाती है। यही कारण है कि इन दिनों कई प्रकार की मच्छर जनित बीमारियों का खतरा काफी तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सिर्फ आंखों की समस्या ही नहीं इन बीमारियों से बचाव को लेकर भी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
डेंगू के बढ़ रहे हैं केस
कंजंक्टिवाइटिस के अलावा इन दिनों दिल्ली में डेंगू के मामले भी बढ़ते हुए रिपोर्ट किए जा रहे हैं। दिल्ली सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार राजधानी में डेंगू के खतरनाक स्ट्रेन टाइप-2 के मामले देखे गए हैं। जांच के लिए भेजे गए 20 सैंपल्स में से 19 में डेंगू के टाइप-2 स्ट्रेन से संक्रमण के मामले सामने आए हैं। इस स्ट्रेन के संक्रमण की स्थिति गंभीर रोगकारक हो सकती है, जिसमें रोगियों में रक्तस्रावी बुखार होने का खतरा बढ़ जाता है।
डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि आने वाले दिनों में इसके मामले और भी अधिक हो सकते हैं।
स्टमक फ्लू के मामले
राज्य के बाढ़ प्रभावित कई हिस्सों में लोगों में स्टमक फ्लू के केस बढ़ते हुए देखे गए हैं। पेट में संक्रमण की स्थिति डायरिया, पेट में दर्द, उल्टी-दस्त जैसे लक्षणों का कारण बन सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दूषित जल के कारण पाचन में गड़बड़ी के साथ लिवर से संबंधित बीमारियों का भी खतरा रहता है जिसको लेकर सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
कैसे रखें सेहत का ख्याल?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बरसात के इस मौसम में वातावरण की आद्रता तमाम प्रकार का वायरस और बैक्टीरिया को बढ़ावा देने वाली होती है, यही कारण है कि इन दिनों अस्पतालों में संक्रमण के शिकार रोगियों की संख्या काफी बढ़ रही है। मच्छरों के काटने से बचाव के साथ, इम्युनिटी बढ़ाने वाले उपाय करते रहना बहुत आवश्यक है। बीमारियों से बचाव के लिए सेहत को लेकर गंभीरता बरतना बहुत आवश्यक है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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