Medically Reviewed by Ms. Priya Pandey
डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ), उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- बी.एस.सी. (मानव पोषण)
अनुभव- 8 वर्ष
भुट्टा तो आपने खाया ही होगा? अंग्रेजी में इसे कॉर्न कहा जाता है। बारिश के मौसम में भुट्टा खाने का एक अलग ही मजा होता है। इसे सेहत का खजाना माना जाता है, क्योंकि यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि पके हुए भुट्टे में कैरोटीनॉयड विटामिन-ए अच्छी खासी मात्रा में पाया जाता है, जिसे आंखों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा भुट्टे में और भी कई तरह के विटामिन, कार्बोहाइड्रेट और फोलिक एसिड प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। माना जाता है कि भुट्टे को पकाने के बाद उसके एंटी-ऑक्सीडेंट की मात्रा 50 फीसदी तक बढ़ जाती है। सिर्फ यही नहीं, भुट्टे को एक बेहतरीन कोलेस्ट्रॉल फाइबर भी माना जाता है, जो हृदय रोगियों के लिए बहुत अच्छा होता है। आइए जानते हैं भुट्टे के सेवन से शरीर को होने वाले फायदों के बारे में...
सलाह: बारिश के मौसम में जरूर खाएं भुट्टा, स्वाद के साथ-साथ सेहत को भी मिलेंगे जबरदस्त फायदे
हड्डियों को करता है मजबूत
- भुट्टे में भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने का काम करता है। इसके अलावा यह हड्डियों के घनत्व को भी बढ़ाता है और हड्डियों से संबंधित गंभीर बीमारी ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे से भी बचाता है।
डायबिटीज में भी है फायदेमंद
- डायबिटीज के मरीजों के लिए भुट्टे का सेवन बहुत फायदेमंद है। विशेषज्ञ कहते हैं कि इसमें पाए जाने वाले, जैसे फाइटेट्स, टैनिन और पॉलीफेनोल्स पाचन प्रक्रिया को धीमा कर देते हैं, जिससे ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में मदद मिलती है।
वजन कम करने में भी कारगर है भुट्टा
- भुट्टे को गैस और किडनी की समस्या में भी फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा इसमें चूंकि कैलोरी की मात्रा कम और फाइबर की मात्रा अधिक होती है, ऐसे में यह वजन कम करने में भी बहुत कारगर है। हालांकि विशेषज्ञ कहते हैं कि मध्यम आयु वर्ग और बुजुर्ग लोगों को भुट्टे का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
एनीमिया को करता है दूर
- शरीर में आयरन की कमी से एनीमिया की बीमारी हो जाती है। ऐसे में भुट्टे का सेवन फायदेमंद हो सकता है। इसमें आयरन के साथ-साथ विटामिन-बी और फोलिक एसिड भी पाया जाता है, जिससे एनीमिया को दूर करने में मदद मिलती है।
नोट: प्रिया पांडेय योग्य और अनुभवी डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ) हैं। उन्होंने कानपुर के सी.एस.जे.एम. विश्वविद्यालय से मानव पोषण में बी.एस.सी. किया है। उन्होंने कानपुर के आभा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आहार विशेषज्ञ के रूप में काम किया है। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पोषण व्याख्यान के विषय के प्रतिनिधि के रूप में भी भाग लिया है। उनका इस क्षेत्र में 8 वर्ष का लंबा अनुभव है।
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