Medically Reviewed by Dr. I.N. Vajpai
न्यूरो सर्जन
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एम.एस (जनरल सर्जरी), एमसीएच (न्यूरो सर्जरी), उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
अनुभव- 45 वर्ष
स्वस्थ शरीर के लिए विटामिन्स की बहुत जरूरत होती है। इनमें हृदय रोगों से लेकर त्वचा विकार, आंखों और हड्डियों से संबंधित बीमारियों को रोकने और उनका इलाज करने की क्षमता होती है। यूं तो विटामिन कई प्रकार के होते हैं और हर एक विटामिन की अपनी अलग भूमिका होती है। जैसे विटामिन-ए को आंखों और बालों के स्वास्थ्य के लिए और विटामिन-सी को इम्यूनिटी बढ़ाने में कारगर माना जाता है, ठीक उसी तरह विटामिन-डी हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होता है। अगर शरीर में विटामिन-डी की कमी हो जाए, तो हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और साथ ही जोड़ों में दर्द, पीठ दर्द और मांसपेशियों में दर्द की समस्या भी हो सकती है। अगर मामला गंभीर हो जाए तो गठिया और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा भी हो सकता है। इसलिए अपने आहार में विटामिन-डी से भरपूर चीजों को जरूर शामिल करें। आइए जानते हैं इस विटामिन के बेहतरीन स्रोत क्या हो सकते हैं?
Healthy Bone Diet: हड्डियों को मजबूत बनाना है तो डाइट में शामिल करें ये चीजें, विटामिन-डी से होती हैं भरपूर
अंडा
- अंडे को पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है। इसमें प्रोटीन से लेकर विटामिन-डी, कैल्शियम और कई तरह के खनिज पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए बेहद ही फायदेमंद होते हैं। आप रोजाना सुबह ब्रेकफास्ट में अंडे को शामिल कर सकते हैं। यह बहुत फायदेमंद साबित होगा।
दूध, दही, पनीर
- ये तीनों चीजें विटामिन-डी और कैल्शियम से भरपूर होती हैं और ये दोनों ही पोषक तत्व हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए अच्छे माने जाते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि नियमित रूप से इनके सेवन से न सिर्फ हड्डियों को मजबूती मिलती है, बल्कि पूरा शरीर स्वस्थ रहता है।
मशरूम
- मशरूम औषधीय गुणों से भरपूर और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ है। इसके सेवन से न सिर्फ इम्यूनिटी को मजबूती मिलती है, बल्कि यह हड्डियों को भी मजबूत बनाता है और कोलेस्ट्रॉल को कम करने और वजन घटाने में भी मददगार होता है।
सोयाबीन
- इसमें मौजूद विटामिन-डी, कैल्शियम और प्रोटीन हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इसके सेवन से ऑस्टियोअर्थराइटिस जैसी हड्डियों की बीमारियों का खतरा काफी कम हो जाता है। यह शरीर में खून की कमी हो पूरा करने में भी मदद करता है और साथ ही इसका सेवन दिल के लिए भी अच्छा माना जाता है।
नोट: डॉ. आईएन वाजपई अत्यधिक योग्य और अनुभवी न्यूरो सर्जन हैं। इन्होंने लखनऊ के केजीएमसी से अपना एमबीबीएस किया है। इसके बाद इन्होंने जनरल सर्जरी में एमएस किया और न्यूरो सर्जरी में एमसीएच की पढ़ाई की है। इन्होंने 1996 में कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में काम किया और 2012 में प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष के रूप में रिटायर हुए। डॉक्टर आईएन वाजपाई आईएमए एंड न्यूरोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉक्टर वाजपई को 45 वर्षों का अनुभव है।
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