फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

शर्म न करें: पीरियड्स को लेकर खुलकर करें बात, ये 10 बातें आपको जरूर जाननी चाहिए

Thu, 19 Aug 2021 01:45 PM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रकाश चंद जोशी Updated Thu, 19 Aug 2021 01:45 PM IST
विज्ञापन
Health tips Ten important things about womens periods
periods - फोटो : सोशल मीडिया

डॉ. परवेश मलिक 


फिजिशियन, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एमडी (जनरल मेडिसिन)

Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik

लगातार 10 दिनों से रक्तस्राव झेल रही 35 साल की सलोनी को यह बात परेशान तो कर रही थी, लेकिन मन में झिझक थी कि कहे किससे। उसे ये समझ आ रहा था कि इतनी हैवी ब्लीडिंग सामान्य तो नहीं हो सकती। सास को कहा तो उन्होंने कहा अरे कोई चिंता की बात नहीं ऐसा हो जाता है। इसमें क्या सोचना? पड़ोस वाली भाभी को बताया तो उन्होंने चिंता जताते हुए अपनी चार समस्याएं गिना डालीं। आखिरकार सलोनी ने अपनी माँ को कॉल करने के  लिए फोन उठाया और चक्कर खाकर गिर पड़ी। अस्पताल ले जाया गया तो पता चला गर्भाशय सम्बन्धी समस्या है। अत्यधिक रक्तस्राव की वजह से उसे बहुत कमजोरी आ गई है। आखिरकार 6 महीने इलाज के बाद सलोनी फिर से नियमित जीवन की ओर लौट पाई। विशाखा को 'उन खास दिनों' में घरेलू कपड़े इस्तेमाल करने की सलाह अपनी माँ से मिली थी। उसकी बाकी सहेलियां और पहचान वाली महिलाएं भी यही करती थीं। अंधेरे कोनों में वो कपड़े सुखाना और फिर से उनका प्रयोग करना, यही नियम था। और फिर एक दिन अचानक विशाखा के निजी अंगों में तेज खुजली और जलन हुई। जिसे कुछ दिन घर की महिलाओं की सलाह पर नारियल तेल लगाकर दबाने की कोशिश की गई लेकिन जब तकलीफ बढ़ गई तो कस्बे में मौजूद एकमात्र सरकारी अस्पताल में जाकर डॉक्टर को दिखाया। पता चला गन्दे कपड़ों की वजह से संक्रमण हो गया था जो अंदरूनी अंगों तक फैलने लगा था। और देर होती तो यह गम्भीर रूप ले सकता था।

Health tips Ten important things about womens periods
periods - फोटो : social media

ये दोनों स्थितियां हो सकता है आपको जानी पहचानी लगें या इनको पढ़कर आपको आश्चर्य हो कि ऐसा अब भी होता है क्या? जवाब है हाँ। आज वर्ष 2021 में जब हम मार्स पर घर लेने, उड़ने वाली कारों में घूमने और रोबोट्स को घरेलू सेवकों के रूप में नियुक्त करने की बात कर रहे हैं, तब हमारे ही देश में एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है जिसके पास सामान्य सैनेटरी नैपकिन खरीदने की ताकत तक नहीं है, जिसके लिए बाज़ार में कॉस्मेटिक और फैशनेबल कपड़ों की बहार है लेकिन बाज़ार में जरूरत पड़े तो शौचालय या बाथरूम नहीं हैं और जो आज भी अपनी शारीरिक तकलीफों के बारे में बात करने से हिचकिचाता है। ये वर्ग है महिलाओं का। अब भी करीब 55 प्रतिशत से अधिक महिलाएं देश में ऐसी हैं जो हर महीने सैनेटरी पैड्स अफोर्ड नहीं कर सकतीं। इतना ही नहीं कोरोना महामारी के आने के बाद कई लोगों की नौकरियां चली गईं और इसका प्रभाव महिलाओं के सैनेटरी पैड्स खरीदने की क्षमता पर भी पड़ा है। 

हाइजीन से कोसों दूर

एक ऐसा समय जब पूरी दुनिया हेल्थ और हाइजीन पर फोकस कर रही है, तब भी भारत में महिलाओं का एक बड़ा प्रतिशत मेंस्ट्रुअल हाइजीन (मासिक धर्म के दौरान रखी जाने वाली साफ-सफाई) के बारे में ठीक से जानता तक नहीं। यह अज्ञानता गम्भीर संक्रमणों से लेकर मृत्यु तक का कारण बन जाती है।

Health tips Ten important things about womens periods
sanitary napkin - फोटो : istock

रखिये इन बातों का ध्यान:

* एक ही सैनिटरी नैपकिन का प्रयोग लम्बे समय तक न करें। 

* अगर आप घर का कपड़ा आदि प्रयोग में लाती हैं तो पहले उन कपड़ों को उबलते पानी मे धोएं, फिर खुली हवा में सुखाएं और फिर उपयोग में लाएं।

* उपयोग किये गए कपड़ों को कभी भी गन्दी जगह पर और अंधेरे में न सुखाएं

* अपने प्राइवेट पार्ट्स को नियमित रूप से साफ रखें। मासिक चक्र के दौरान इनकी सफाई का खास ध्यान रखें। यह सफाई आगे के अंगों से पीछे के अंगों की तरफ करें। डॉक्टर्स यह मानते हैं कि अधिकांश महिलाएं इस बात का महत्व नहीं समझतीं और इससे संक्रमण की आशंका और भी बढ़ जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Health tips Ten important things about womens periods
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

* अधिक रक्तस्राव, अनियमित मासिक, पेट मे तेज दर्द, प्राइवेट पार्ट्स में खुजली, जलन या दर्द या छाले आदि जैसे लक्षणों पर तुरन्त ध्यान दें और डॉक्टर को दिखाएं। 

* कहीं बाहर सफर करते समय या बाजार आदि में सार्वजनिक शौचालयों का प्रयोग करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें और साफ जगह को प्राथमिक दें।

* मासिक चक्र के दौरान भोजन और पानी का सेवन पर्याप्त मात्रा में करें। मूँगफली, गुड़, ताजी हरी सब्जियां, दूध, दही, दालों का आदि को डाइट में शामिल करें। 

हमारी जिम्मेदारी

महिलाओं में इस प्राकृतिक प्रक्रिया से सम्बंधित जानकारी का प्रसार और महिलाओं को उनकी समस्याओं के बारे में बात करने का प्रोत्साहन देने की जिम्मेदारी हम सबकी है। इसके लिए कोई भी व्यक्ति मदद का हाथ बढ़ा सकता है। कुछ इस तरह-

* आपके घर में मौजूद महिलाओं (माँ, पत्नी, बहन, भाभी, चाची, आदि) को इस बात के लिए प्रेरित करें कि वे अपनी स्वास्थ्यगत समस्याओं को छुपाएं नहीं, उनके बारे में बात करें ताकि उन्हें समय पर इलाज मिल सके।

विज्ञापन
Health tips Ten important things about womens periods
पीरियड्स मेंं महिलाओं को बहुत दर्द होता है - फोटो : pixabay

* यदि सम्भव हो तो अपने आस पास की वंचित महिलाओं, घर के  काम में सहायता करने वाली महिलाओं को इस प्राकृतिक चक्र से जुड़ी साफ सफाई के बारे में जानकारी दें और हो सके तो उन्हें सैनिटरी नैपकिन्स उपलब्ध करवाने में भी मदद करें। इसके लिए आप बकायदा ग्रुप बनाकर भी काम कर सकते हैं।

* घर और परिवार की महिलाएं अपने परिवार की सेहत के लिए खुद को नजरअंदाज करके मेहनत करती हैं। ऐसे में घर के पुरुषों की जिम्मेदारी बनती है कि वे भी महिलाओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। याद रखिये, कहने को मासिक चक्र एक सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया है लेकिन इसका सुचारू होना महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए इस बारे में किसी भी तकलीफ पर खुलकर बात करें और महिलाओं को भी प्रेरित करें।  ताकि आपको स्नेह देने वाली, आपका परिवार चलाने वाली महिलाएं किसी गम्भीर समस्या से ग्रसित होकर जान न गवां दें।

नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।  

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed