अपने शरीर को साफ और सुंदर बनाए रखने के हम सभी निरंतर कुछ न कुछ उपाय करते रहते हैं। पर क्या आपने कभी सोचा है कि शरीर को बाहरी रूप से साफ रखने के साथ-साथ इसकी भीतरी सफाई भी बहुत जरूरी है?
सेहत की बात: शरीर को सिर्फ बाहर ही नहीं भीतर से साफ करना भी बहुत जरूरी, आज से ही शुरू कर दें ये चार उपाय
वैसे तो हमारे शरीर का मैकेनिज्म ऐसा है कि ये अपने अंगों की खुद से सफाई करते रहता है। हालांकि जिस तरह से हमारे खान-पान की गड़बड़ी बढ़ती जा रही है, इसके कारण शरीर में कई प्रकार के विषाक्त पदार्थ इकट्ठा हो सकते हैं। इसे कैसे दूर करें?
डिटॉक्सिफिकेशन जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डिटॉक्सिफिकेशन हमारे शरीर से टॉक्सिन्स (विषैले तत्वों) को बाहर निकालने की प्रक्रिया है। शरीर के विभिन्न अंग जैसे लिवर, किडनी और त्वचा स्वाभाविक रूप से डिटॉक्स का काम करते हैं लेकिन आजकल की जीवनशैली, प्रदूषण, अस्वस्थ खान-पान और तनाव के कारण शरीर को अतिरिक्त मदद की जरूरत होती है। इन जोखिमों को देखते हुए हम सभी को शरीर को डिटॉक्स करते रहने के लिए कुछ उपाय करते रहना चाहिए। आइए इस बारे में जानते हैं।
खूब सारा पानी पीते रहना सबसे जरूरी
शरीर की अंदर से साफ-सफाई होती रहे इसके लिए सबसे आसान और जरूरी उपाय है खूब पानी पीते रहना। पानी शरीर के विषाक्त पदार्थों को किडनी और पसीने के माध्यम से बाहर निकालता है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार, पर्याप्त पानी पीने से किडनी की कार्यक्षमता में सुधार होता है और किडनी शरीर को अंदर से साफ रखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण अंग है। दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं। सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में नींबू मिलाकर पीना सबसे बेहतर विकल्प हो सकता है।
लिवर की सेहत पर भी दें ध्यान
किडनी की ही तरह लिवर को भी डिटॉक्स का मुख्य अंग माना जाता है जो शरीर के भीतर बढ़ रहे विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। एक अध्ययन के अनुसार, ब्रोकली, पालक और ग्रीन-टी जैसे खाद्य और पेय पदार्थ लिवर एंजाइम्स को सक्रिय करते हैं, जिससे ये अंग और बेहतर ढंग से शरीर की साफ-सफाई कर पाता है।
खान-पान में सुधार के साथ शराब से दूरी बनाकर लिवर की सेहत को ठीक रखने और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद मिल सकती है।
अच्छी नींद लेना भी जरूरी
शरीर को अंदर से साफ रखने के लिए खान-पान का ध्यान रखने के साथ नींद में सुधार करना भी बहुत जरूरी है। अध्ययनों से पता चलता है कि हर रात पर्याप्त नींद लेना आपके शरीर के स्वास्थ्य और प्राकृतिक विषहरण प्रणाली को ठीक रखने में मददगार है।
सोने के दौरान आपके मस्तिष्क को खुद को फिर से रिफ्रेश करने का मौका मिलता है। इतना ही नहीं दिन भर जमा होने वाले विषाक्त अपशिष्टों को बाहर निकालने के लिए भी ये जरूरी है। उन अपशिष्ट उत्पादों में से एक बीटा-एमाइलॉयड नामक प्रोटीन है, जो अल्जाइमर रोग का खतरा बढ़ाने वाला माना जाता है।