देशभर में गर्मियों की शुरुआत हो चुकी है। बढ़ते तापमान के साथ कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का भी खतरा बढ़ जाता है, ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को सेहत का गंभीरता से ध्यान रखने, गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए निरंतर उपाय करते रहने की सलाह देते हैं। गर्मियों के बढ़ते ही एयर कंडीशनिंग (एसी) का इस्तेमाल भी शुरू हो जाता है। ये उपकरण भीषण गर्मी से राहत तो देते हैं पर क्या आप जानते हैं कि एसी का अधिक इस्तेमाल हमारी सेहत के लिए हानिकारक भी हो सकता है?
Summer Health: एयर कंडीशनर का करते हैं इस्तेमाल? इसका सेहत पर क्या असर होता है, जानते हैं आप?
एयर कंडीशनिंग से सेहत को होने वाले दुष्प्रभाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, तेज गर्मी के समय में एसी का इस्तेमाल बहुत आरामप्रद होता है पर अगर इसका निरंतर और लंबे समय तक इस्तेमाल किया जाता रहे तो ये त्वचा-आंखों, वायुमार्ग के लिए समस्या पैदा कर सकती है।
अध्ययनकर्ता अलर्ट करते हैं- एयर कंडीशनिंग सिस्टम में संभावित रूप से संक्रामक रोगों के प्रसार का खतरा अधिक हो सकता है। इसलिए इन उपकरणों के रखरखाव और साफ-सफाई का ध्यान रखने के साथ कमरे में वेंटिलेशन भी उचित व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है। आइए एसी से सेहत को होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानते हैं।
बढ़ सकता है डिहाइड्रेशन का जोखिम
गर्मी के दिनों में शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी माना जाता है। कम पानी पीने से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। पर क्या आप जानते हैं कि एयर कंडीशनिंग हवा में नमी को कम कर देती है, जिससे डिहाइड्रेशन बढ़ने का जोखिम रहता है। वातावरण में ठंडक होने के कारण हम कम पानी पीते हैं और एसी के कारण हवा शुष्क हो जाती है। ऐसे में जो लोग अपना अधिक समय एसी में गुजारते हैं उनमें डिहाइड्रेशन बढ़ने का भी जोखिम रहता है।
त्वचा और आंखों की दिक्कतें
एयर कंडीशनिंग में अधिक समय बिताने का एक और दुष्प्रभाव आपकी आंखों-त्वचा की सेहत पर भी देखा जाता है। एसी के कारण हमारी त्वचा नमी खोने लगती है और शुष्की, परतदार त्वचा की समस्या हो सकती है। त्वचा के अलावा एसी का अधिक इस्तेमाल करने वाले लोगों में आंखों में सूखापन बढ़ने का भी जोखिम देखा जाता रहा है जिसे ड्राई आइज की समस्या के रूप में जाना जाता है। कमरे में नमी का स्तर कम होने से आंखों की सेहत प्रभावित हो सकती है।
श्वसन संबंधी समस्याओं का जोखिम
एयर कंडीशनिंग हमारे श्वसन तंत्र पर भी हानिकारक प्रभाव डाल सकती है, विशेष रूप से जिन लोगों को पहले से श्वसन समस्याओं की दिक्कत होती है उनमें ठंडी और शुष्क हवा वायुमार्ग में जलन पैदा कर सकती है। इससे खांसी, छींकने और गले में परेशानी जैसे लक्षण हो सकते हैं। एलर्जी या अस्थमा से पीड़ित लोगों को वातानुकूलित वातावरण में लक्षणों के बढ़ने का भी खतरा रहता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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