लिवर हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। पाचन में मदद करने के साथ रक्त में अधिकांश रासायनों के स्तर को नियंत्रित करने, पित्त नामक उत्पाद को उत्सर्जित करने और अपशिष्ट उत्पादों को फिल्टर करके शरीर से बाहर निकालने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पेट और आंतों से निकलने वाला सारा रक्त लिवर से ही होकर गुजरता है।
Liver Disease: फैटी लिवर से बचने के लिए सबसे जरूरी है ये एक काम, ज्यादातर लोग नहीं देते इसपर ध्यान
फैटी लिवर, जिसे हेपेटिक स्टीटोसिस के नाम से भी जाना जाता है ये आपकी सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित करने वाली हो सकती है। इससे लिवर फेलियर का भी खतरा रहता है। आइए जानते हैं कि फैटी लिवर से बचने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं?
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पहले जान लीजिए क्या है फैटी लिवर की समस्या?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं फैटी लिवर, जिसे हेपेटिक स्टीटोसिस के नाम से भी जाना जाता है ये आपकी सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित करने वाली हो सकती है। इसमें लिवर में फैट की मात्रा बहुत अधिक बढ़ने लग जाती है। ये स्थिति लिवर के सामान्य कार्यों को बाधित करने वाली हो सकती है। लिवर में फैट की मात्रा अधिक हो जाने के कारण इंफ्लेमेशन का खतरा बढ़ जाता है। गंभीर स्थितियों में इससे लिवर फेल होने और जान जाने तक का भी जोखिम हो सकता है।
आइए जानते हैं कि आप इस खतरनाक स्थिति से कैसे बचे रह सकते हैं?
वजन घटाना सबसे जरूरी
अध्ययनों में पाया गया है कि फैटी लिवर की समस्या के लिए वजन का अधिक होना प्रमुख कारण हो सकता है। अध्ययन से पता चला है कि शरीर का वजन 10% तक कम करने से लिवर की चर्बी, सूजन की समस्या और फैटी लिवर के कारण होने वाली अन्य दिक्कतें दूर हो सकती हैं।
जामा इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित एक मेटा-विश्लेषण में शोधकर्ताओं ने 22 अध्ययनों की समीक्षा की। अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों का वजन कम था उन्हें भविष्य में इस बीमारी का खतरा भी कम था। वहीं फैटी लिवर के शिकार जिन लोगों ने अपने वजन को कम किया उनमें इस रोग के कारण होने वाली जटिलताएं भी कम हो गईं।
लिवर की सेहत का रखें ख्याल
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, प्रति सप्ताह कम से कम 150 मिनट की शारीरिक गतिविधि आपके लिए मददागार हो सकती है। नियमित व्यायाम के साथ आहार पर ध्यान देना, हरी सब्जियों-फलों से भरपूर चीजें खाना और वसा वाली चीजों का सेवन कम करना न सिर्फ वजन घटाने में मददगार है साथ ही इससे लिवर की सेहत को भी ठीक रखा जा सकता है।
डॉक्टर कहते हैं, कम उम्र से ही अगर वजन को नियंत्रित रखने पर ध्यान दे दिया जाए तो फैटी लिवर सहित कई प्रकार की अन्य क्रोनिक बीमारियों से भी बचे रह सकते हैं।
फैटी लिवर से बचे रहने के लिए ये उपाय भी जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, फैटी लिवर से बचे रहने के लिए कुछ उपाय मददगार हो सकते हैं।
- वजन कम करें। वजन बढ़ना इस रोग का प्रमुख कारण है, इसलिए वेट लॉस के सभी जरूरी उपाय करें।
- आहार, दवा या दोनों के माध्यम से ट्राइग्लिसराइड्स को कम करें। ट्राइग्लिसराइड्स भी लिवर की सेहत के लिए ठीक नहीं है।
- शराब से बिल्कुल दूरी बना लें।
- अगर आपको मधुमेह है, तो इसे कंट्रोल में रखें। शुगर बढ़ना आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है।
- संतुलित-स्वस्थ आहार का सेवन करें और अपनी शारीरिक गतिविधि बढ़ाएं।
- लिवर की देखभाल के लिए डॉक्टर से नियमित जांच करवाएं और आवश्यक सलाह लेते रहें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।