Ayurvedic Medicine To Cure Hepatitis : लीवर में सूजन होना हेपेटाइटिस की बीमारी से ग्रसित होना है। लिवर की सेहत को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है। हेपेटाइटिस वायरस संक्रमण के कारण होने वाला रोग है। इसके अलावा अल्कोहल के अधिक सेवन से भी हेपेटाइटिस का खतरा बढ़ता है। वैसे तो हेपेटाइटिस से बचाव और इस रोग का इलाज संभव है। इसके लिए लोगों का जागरूक रहना भी जरूरी है। वहीं आयुर्वेद में भी हेपेटाइटिस से बचने के लिए बेहतर इलाज उपलब्ध है। आयुर्वेद में इसे कामला रोग भी कहा जाता है। इसकी उत्पत्ति पित्त के रक्त से मिलने के कारण होती है। हेपेटाइटिस को लेकर राजकीय स्नातकोत्तर आयुर्वेद महाविद्यालय के कायचिकित्सा व पंचकर्म विभाग के प्रवक्ता डॉ. अजय कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआत में हेपेटाइटिस के लक्षण बहुत सीमित और न के बराबर नजर आ सकते हैं। सबसे ज्यादा घातक हेपेटाइटिस बी और सी होता है। डाॅ. अजय के मुताबिक कुछ दवाइयां जैसे एसिटामिनोफेन के अधिक सेवन से भी हेपेटाइटिस हो सकता है।
Hepatitis Ayurvedic Tips: आयुर्वेद में है हेपेटाइटिस का बेहतर उपचार, स्वस्थ लिवर के लिए अपनाएं ये नुस्खे
हेपेटाइटिस के शुरुआती लक्षण सीमित
डॉ. अजय का कहना है, यकृत में पित्त का निर्माण होता है। यही पित्त जब यकृत विकृति से व अन्य किसी वजह से रक्त में मिलने लगता है तो कामला रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। चिकित्सा में विलंब करने और भोजन में लापरवाही बरतने से कामला रोग अधिक उग्र होता जाता है। उदर में शूल की विकृति भी होती है। रोगी बहुत अधिक निर्बल और थकावट अनुभव करता है। औषधियों के साथ ही पंचकर्म विशेष रूप से विरेचन कर्म बहुत ही लाभदायक होता है।
आयुर्वेद के मुताबिक हेपेटाइटिस होने के जो कारण बताए गए, वह निम्न हैं,
- वायरल संक्रमण के कारण
- शराब के अधिक सेवन के कारण
- ज्यादा मात्रा में कुछ खास दवाओं के सेवन से
- दूषित खानपान और जल से
- अधिक तीखा व मिर्च, मसाले वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से
- पित्त नलिका में पथरी की वजह से
- अधिक अम्लीय, क्षारीय, अति उष्ण, विरुद्ध और असात्म्य भोजन से
हेपेटाइटिस का आयुर्वेदिक इलाज
फैटी लिवर रोग, पीलिया और हेपेटाइटिस की समस्या से बचाव के लिए लिवर को सेहतमंद रखें। इसके लिए आप आयुर्वेदिक नुस्खे आजमा सकते हैं। आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों और खाद्य सामग्रियों को डाइट में शामिल करके लिवर को मजबूत कर सकते हैं। स्वस्थ लिवर के लिए इन आयुर्वेदिक नुस्खों को अपनाएं।
पपीता
पपीता कई स्वास्थ्य लाभों के लिए जाना जाता है। लिवर की सेहत के लिए भी पपीते के फल और पत्तियों व बीच का सेव कर सकते हैं। अगर आपको पीलिया या लिवर सिरोसिस जैसी बीमारियों से दूर रहना है तो पपीते का सेवन करें। आप पपीते के बीजों को धूप में सुखाकर उसे पीस लें और इसका पाउडर एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच मिलाकर रोजाना पीएं। इस पेय जल में नींबू का रस मिला सकते हैं। चाहें तो पत्तियों को पीस कर इसका रस निकालकर रोजाना पिएं।