Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
मेटाबॉलिज्म को हिंदी में चयापचय कहा जाता है। दरअसल, यह एक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से शरीर भोजन को ऊर्जा में बदलता है। यही ऊर्जा शरीर द्वारा रोजाना के कामों में खर्च की जाती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि इंसान को उनके शरीर की बनावट के हिसाब से ऊर्जा की जरूरत होती है और यह ऊर्जा मेटाबॉलिज्म प्रक्रिया से ही प्राप्त होती है। शरीर की बेसल मेटाबॉलिक रेट शरीर की चयापचय क्रिया का निर्धारण करती है और बताती है कि शरीर को कितनी ऊर्जा की जरूरत है। यह रेट शरीर के बुनियादी कार्यों को बनाए रखने में मदद करता है। आपकी चयापचय दर जितनी तेज रहेगी, उतने ही आप अधिक ऊर्जावान और सक्रिय रहेंगे, लेकिन अगर यह दर धीमी रहेगी तो आपको स्वास्थ्य संबंधी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में...
सावधान: मेटाबॉलिज्म ठीक नहीं रहेगा तो हो सकती हैं ये छह समस्याएं, न करें ऐसी गलतियां
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विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर शरीर का मेटाबॉलिज्म ठीक नहीं रहेगा तो थकान, सुस्ती, मांसपेशियों में कमजोरी, जोड़ों में सूजन, रूखी त्वचा और वजन बढ़ना, आदि समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए इसपर ध्यान देने की जरूरत होती है।
विशेषज्ञ कहते हैं कि मेटाबॉलिज्म के सुस्त पड़ने से डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप की संभावना भी बढ़ जाती है और ये तो आप जानते ही होंगे कि ये दोनों ही समस्याएं कितनी खतरनाक हैं। इसलिए मेटाबॉलिज्म को ठीक रखना बहुत ही जरूरी होता है।
आमतौर पर जीवनशैली से जुड़ी कुछ गलतियां मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देती हैं और सेहत पर खतरा मंडराने लगता है। इसमें मीठे पेय का ज्यादा सेवन करना, कम प्रोटीन वाला आहार लेना, पर्याप्त पानी नहीं पीना, नींद की कमी, कैलोरी कम करना और शारीरिक गतिविधियों में कमी शामिल हैं।
मेटाबॉलिज्म तेज करने के लिए क्या खाएं?
- मेटाबॉलिज्म को तेजी देने के लिए नींबू बहुत अच्छा होता है। इसके अलावा सेब भी चयापचय को बढ़ावा देने और साथ ही वजन कम करने में भी मदद करता है। मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के लिए ठंडा पानी पिएं, प्रोटीन लें और अधिक तीव्रता वाले व्यायाम करें।
नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।
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