Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
अधिकतर लोगों को मूंगफली खाना पसंद होता है। तभी तो ट्रेन हो या बस, लोग बात करते-करते आराम से मूंगफली खाते हुए सफर का मजा लेते हैं। इसी वजह से मूंगफली को 'टाइमपास' भी कहा जाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि मूंगफली सिर्फ स्वाद में ही लाजवाब नहीं होती बल्कि यह सेहत के लिए भी लाभकारी होती है। इसमें प्रोटीन, विटामिन और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। डायबिटीज के मरीजों के लिए इसे बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद मैंगनीज खून में कैल्शियम के अवशोषण, फैट और कार्बोहाइड्रेट मेटाबॉलिज्म और शर्करा यानी शुगर के स्तर को संतुलित रखने में मदद करता है। एक अध्ययन के मुताबिक, नियमित रूप से मूंगफली का सेवन डायबिटीज के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है। इसलिए रोजाना 10 से 20 ग्राम मूंगफली को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। आइए जानते हैं इसके अन्य फायदों के बारे में...
सलाह: ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में 'रामबाण' मानी जाती है ये एक चीज, पाचन शक्ति भी होती है मजबूत
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बढ़ाता है गुड कोलेस्ट्रॉल
- विशेषज्ञ कहते हैं कि मूंगफली में मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड पाए जाते हैं, जो खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करके गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं। दरअसल, गुड कोलेस्ट्रॉल ही हमारे दिल की सेहत का ख्याल रखता है, इसलिए हमें भी इसके बारे में सोचना चाहिए।
वजन कम करने में भी है सहायक
- रोजाना एक मुट्ठी मूंगफली का सेवन आपको कई रोगों से छुटकारा दिला सकता है और यह वजन कम करने में भी बहुत उपयोगी है। दरअसल, इसमें प्रोटीन और फाइबर होते हैं और ये दोनों ही पोषक तत्व भूख को कम करने में प्रभावी हैं। इससे वजन कम करने में मदद मिलती है।
अल्जाइमर से लड़ने में कर सकता है मदद
- विशेषज्ञ कहते हैं कि मूंगफली का सेवन अल्जाइमर जैसी बीमारियों से लड़ने में मदद कर सकता है। इसमें पाया जाने वाला यौगिक तंत्रिका संबंधी क्षति को रोकने में फायदेमंद है। विशेषज्ञ उबली हुई या भुनी हुई मूंगफली को ज्यादा फायदेमंद मानते हैं।
पाचन तंत्र के लिए भी अच्छी है मूंगफली
- विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर आप भोजन के बाद प्रतिदिन 50 से 100 ग्राम मूंगफली का सेवन करते हैं, तो इससे पाचन शक्ति मजबूत होती है यानी भोजन को पचाने में मदद करती है और शरीर में खून की कमी भी पूरी होती है। लेकिन ध्यान रहे कि ज्यादा मात्रा में इसका सेवन पेट में गैस की समस्या भी पैदा कर सकता है। इसलिए उचित मात्रा में ही मूंगफली का सेवन करें।
नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।