आज के समय में हर घर में बच्चों के चपाती, सब्जी और दाल में देसी घी तैर रहा होता है तो वहीं बड़ों की थाली से एकदम गायब दिखता है। वजन बढ़ने, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्या होने या किसी खास डाइट को फॉलो करने के कारण वयस्क लोग घी खाने से परहेज करते हैं। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी की गाय का घी स्वादिष्ट और सुगंधित होने के साथ-साथ ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने, वजन को नियंत्रित करने और त्वचा के लिए बेहद लाभदायक होता है।
रोटी में देसी घी लगाकर खाने से दूर होती हैं ये 5 खतरनाक बीमारियां
रोजाना कितनी मात्रा में घी लें
देसी घी इंसान को मानसिक व शारीरिक रूप से मजबूत बनाने और शरीर की गंदगी को साफ करने का काम करता है। रोजाना एक टीस्पून घी का सेवन करना सेहत के लिए लाभदायक होता है। घी में विटमिन ए, डी, ई और के पाया जाता है, जो रक्त कोशिकाओं में जमे कैल्शियम को हटाने का काम करता है। इसके साथ ही घी के सेवन से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। कई लोग वजन बढ़ने के डर से घी का सेवन नहीं करते हैं लेकिन नियमित रूप से गाय के घी का सेवन करने से वजन तो नियंत्रित होता ही है, साथ ही कई घातक बीमारियां भी दूर होती हैं। आइए जानते हैं देसी घी किन-किन बीमारियों को दूर रखता है...
कोलेस्ट्रॉल
देसी घी के सेवन से शरीर में बाइलरी लिपिड का स्राव बढ़ जाता है, जिससे रक्त और आंतों में मौजूद कोलेस्ट्रॉल कम होता है। शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने और गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने के लिए देसी घी का सेवन करना चाहिए।
पाचन शक्ति के लिए
अन्य ऑयल की तुलना में घी का स्मोकिंग पॉइंट बहुत अधिक होता है। इसी वजह से पकाते समय आसानी से नहीं जलता और खूब धुआं भी करता है। घी में कोई भी खाना बहुत अच्छा पकता है। अच्छी तरह से पके हुए भोजन को करने से पाचन शक्ति बढ़ जाती है।
स्वस्थ दिल के लिए
हार्ट के ब्लॉकेज को खोलने में घी एक तरह से ल्यूब्रिकेंट का काम करता है। वैसे तो हार्ट से जुड़ी समस्या होने पर चिकनाई खाने की मनाही होती है लेकिन गाय के घी का सेवन कर सकते हैं।