Medically Reviewed by Ms. Priya Pandey
डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ), उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- बी.एस.सी. (मानव पोषण)
अनुभव- 8 वर्ष
काजू एक बेहतरीन ड्राई फ्रूट है, जिसे अधिकतर लोग खाना पसंद करते हैं। इसका इस्तेमाल मिठाइयों से लेकर कई सारे पकवान बनाने में भी किया जाता है। यह स्वास्थ्य के लिए बेहद ही लाभकारी होता है। इसमें विटामिन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, कॉपर, जिंक, आयरन, मैंगनीज और सेलेनियम जैसे खनिज पाए जाते हैं, जो काजू को 'गुणों की खान' बनाते हैं। आइए जानते हैं काजू खाने के फायदों के बारे में और साथ ही यह भी कि किन लोगों को काजू का सेवन नहीं करना चाहिए?
सलाह: ऐसे लोगों को अधिक नहीं करना चाहिए काजू का सेवन, फायदे की जगह हो सकता है नुकसान
दिल के लिए अच्छा होता है काजू
- चूंकि काजू में अन्य नट्स के मुकाबले वसा कम होती है और ओलिक एसिड की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इसका सेवन हृदय के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता है। साथ ही इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट दिल की बीमारियों को दूर भी रखते हैं।
नियंत्रण में रखता है रक्तचाप
- काजू में सोडियम की मात्रा कम होती है और पोटैशियम और मैग्नीशियम अधिक मात्रा में पाए जाते हैं, जो रक्तचाप को नियंत्रण में रखते हैं। सीमित मात्रा में इसका सेवन बहुत फायदेमंद होता है।
हड्डियों को बनाता है मजबूत
- चूंकि काजू में मैग्नीशियम के साथ-साथ कैल्शियम भी पाया जाता है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होता है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम हड्डियों को अंदर से मजबूत बनाता है। आपको हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए काजू का सेवन जरूर करना चाहिए।
काजू के नुकसान
- काजू वैसे लाभदायक तो होता है, लेकिन अधिक मात्रा में इसका सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है। काजू के अधिक सेवन से हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप की समस्या हो सकती है। इसके अलावा यह वजन भी बढ़ा सकता है, क्योंकि इसमें अधिक मात्रा में कैलोरी होती है। सिर्फ यही नहीं, काजू के अधिक सेवन से पेट से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। अगर आप सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या से पीड़ित हैं या मोटापे से ग्रसित हैं, तो अधिक मात्रा में काजू का सेवन न करें।
नोट: प्रिया पांडेय योग्य और अनुभवी डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ) हैं। उन्होंने कानपुर के सी.एस.जे.एम. विश्वविद्यालय से मानव पोषण में बी.एस.सी. किया है। उन्होंने कानपुर के आभा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आहार विशेषज्ञ के रूप में काम किया है। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पोषण व्याख्यान के विषय के प्रतिनिधि के रूप में भी भाग लिया है। उनका इस क्षेत्र में 8 वर्ष का लंबा अनुभव है।
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