कोरोना वायरस का संक्रमण दुनियाभर के देशों में बढ़ता ही जा रहा है। इससे होने वाली मौतों के आंकड़े भी हर दिन बढ़ रहे हैं। इस वायरस का प्रभाव जैसे-जैसे बढ़ रहा है इसके लक्षणों का दायरा भी बढ़ता जा रहा है। महामारी के केंद्र रहे चीन के वुहान में स्थित हुआझोंग यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने अब एक और आश्चर्यजनक खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया है कि सिर में दर्द और चक्कर भी इस बीमारी के लक्षण हो सकते हैं। वैज्ञानिकों का दावा है कि हो सकता है कि आप संक्रमित भी हो गए हों और तब ये परेशानी शुरू हुई हो।
वुहान के हुआझोंग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का खुलासा
वैज्ञानिकों ने 214 मरीजों पर किए अध्ययन के बाद ये खुलासा किया है कि सिर में दर्द और चक्कर भी इस बीमारी के लक्षण हो सकते हैं। यह शोध हाल ही जामा न्यूरोलॉजी जर्नल में प्रकाशित हुआ है। शोध में पाया गया कि 13 फीसदी मरीजों को सिर में दर्द जबकि 17 फीसदी को चक्कर आने की तकलीफ थी। 19 फीसदी मरीजों को मांसपेशियों में सूजन और नसों में दर्द की समस्या भी थी।
बुखार-कफ के साथ भी दिखे ये लक्षण
शोधकर्ताओं के अनुसार ये लक्षण बुखार-कफ के साथ भी दिख सकते हैं। वायरस से दिमाग को भी नुकसान का दावा किया गया है। जब संक्रमण तंत्रिका तंत्र में पहुंच जाता है तो स्ट्रोक, झटका आना या दिमागी बुखार जैसे लक्षण दिखने लगते हैं। गौरतलब है कि इस तरह के लक्षण पहले सार्स और मर्स में भी देखने को मिले थे।
ऑक्सीजन की कमी से बिगड़ने लगता है मानसिक संतुलन
अमेरिका के नॉर्थ वेस्टन यूनिवर्सिटी फिनबर्ग स्कूल ऑफ मेडिसिन के न्यूरो इन्फेक्सियस डिजीज के प्रमुख प्रो. इगोर कोरालनिक का कहना है कि सांस की तकलीफ बढ़ने से पूरे शरीर पर असर पड़ता है, जिसके कारण मस्तिष्क से जुड़ी समस्या उभरने लगती है।
सांस लेने में तकलीफ का मतलब है कि शरीर में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं जा रही है। इसका मतलब कि मस्तिष्क में भी ऑक्सीजन की कमी होती है और मानसिक संतुलन बिगड़ने लगता है। ऑक्सीजन की कमी से मस्तिष्क सबसे अधिक प्रभावित होता है। वुहान के हुआझोंग यूनिवर्सिटी के इस शोध के अलावा दुनिया के विभिन्न देशों में इसको लेकर और भी शोध हो रहे हैं।