आजकल दिन-प्रतिदिन ईयरफोन का इस्तेमाल युवाओं में बढ़ता जा रहा है। संगीत सुनना अच्छी बात है। इससे मानसिक रूप से शांति मिलती है, लेकिन लगातार कान में ईयरफोन लगाकर तेज आवाज में गाने सुनना, कान के साथ-साथ दिमाग की सेहत के लिए भी ठीक नहीं है।
हेडफोन के इस्तेमाल से जुड़ी ये बात आपको कोई नहीं बताएगा
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यदि आप ईयरफोन पर तेज आवाज में लगातार गाने सुनते हैं, तो इससे सुनने की क्षमता धीरे-धीरे प्रभावित होने लगती है। ध्वनि हवा में कंपन से पैदा होती है। जब कंपन कान के पर्दों पर पड़ती है, तो हमें कुछ भी सुनाई नहीं देता है। हेडफोन पर तेज आवाज में गाना सुनने से कान के पर्दों पर लगातार तेज आघात होता है, जिससे बाहर की आवाज सुनाई नहीं देती। इससे दिमाग तेज आघात को सहने की क्षमता विकसित कर लेता है। ऐसे में धीमे आघात को दिमाग पढ़ नहीं पाता। इससे सामान्य आवाज को सुनने में परेशानी होती है।
इंफेक्शन का खतरा
हेडफोन या ईयरफोन लगाकर गाने सुनने से कान में संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। एक-दूसरे का ईयरफोन इस्तेमाल करना इसकी एक वजह हो सकती है। कुछ लोगों की आदत होती है कि वे हेडफोन लगाकर टॉयलेट चले जाते हैं। कहीं भी हेडफोन को रख देते हैं। ऐसा करने से हेडफोन में हानिकारक बैक्टीरिया चिपकने का डर रहता है। इससे कानों में संक्रमण होने की समस्या बढ़ सकती है।
एकाग्रता की कमी
अगर आपको लगता है कि काम करते समय हेडफोन पर संगीत सुनने से एकाग्रता बढ़ती है, तो आप गलत हैं। शुरुआत में भले ही आपको यह महसूस हो कि तेज संगीत आपको काम के प्रति एकाग्र कर रहा है, लेकिन लंबे समय तक इस आदत को अपनाने से आप अपनी सामान्य एकाग्रता भी खो सकते हैं। इससे कानों के साथ-साथ दिमाग को भी नुकसान पहुंचता है।