बालों की समस्या लोगों में सामान्य होती जा रही है, यहां तक कि बहुत कम उम्र के लोग भी इसके शिकार हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों और महिलाओं दोनों के बालों की मोटाई और मात्रा कम होने लगती है। उम्र बढ़ना, आनुवंशिकता और हार्मोन्स में परिवर्तन के कारण आपको ये समस्याएं हो सकती है। पर अगर बहुत ही कम उम्र में आप बालों के झड़ने से परेशान हैं तो इसका सही निदान किया जाना आवश्यक हो जाता है।
Hair Loss Problem: कम उम्र में बढ़ रही हैं बालों की समस्याएं, कहीं ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं?
बालों के टूटने की समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की बीमारियां आपमें बालों के झड़ने का कारण बन सकती हैं। सिस्टमिक ल्यूपस एरिथेमेटोसस (ल्यूपस), सिफलिस, थायरॉयड विकार (जैसे हाइपोथायरायडिज्म या हाइपरथायरायडिज्म), सेक्स-हार्मोन में असंतुलन या पोषण संबंधी से संबंधित विकारों की समस्या में आपके बाल तेजी से गिर सकते हैं। इसके अलावा प्रोटीन, आयरन, जिंक जैसे शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की कमी का भी बालों की सेहत पर नकारात्मक असर हो सकता है।
स्ट्रेस से बालों को होने वाला नुकसान
शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग अधिक तनावग्रस्त रहते हैं, ज्यादा स्ट्रेस लेते हैं या फिर अवसाद के शिकार हैं उनमें बालों की समस्या, विशेषतौर पर बालों के झड़ने की दिक्कत अधिक देखी जाती रही है। तनाव के दौरान रिलीज होने वाला स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल, बालों के विकास के लिए आवश्यक स्टेम कोशिकाओं को क्षति पहुंचाने लगता है जिसके कारण बालों में कमजोरी और इनके टूटने का खतरा हो सकता है। अगर आपको भी बालों की समस्या बनी हुई है तो समय पर इसके कारणों का निदान जरूर कराएं।
थायरॉइड विकारों के कारण बालों की समस्या
जिन लोगों में थायरॉइड की समस्या होती है उनमें भी बालों के झड़ने-टूटने का जोखिम अधिक देखा जाता रहा है। हाइपरथायरायडिज्म-हाइपोथायरायडिज्म दोनों स्थितियों में बालों के झड़ने की दिक्कत हो सकती है। हाइपरथायरायडिज्म से पीड़ित लगभग 50% और हाइपोथायरायडिज्म से पीड़ित 33% व्यक्तियों में बाल झड़ने की समस्या देखी गई है। इसलिए जरूरी है कि अगर आपके भी बाल झड़ रहे हैं तो थायरॉइड की जांच करा लें।
पोषक तत्वों की कमी से बालों की समस्या
बालों को भी स्वस्थ रहने और इनके विकास के लिए शरीर को कई प्रकार के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। राइबोफ्लेविन, बायोटिन, फोलेट और विटामिन बी12-ई की कमी बालों के झड़ने से जुड़ी हुई है। जिंक-प्रोटीन जैसे अति आवश्यक पोषक तत्वों की भी कमी होने से बालों की सेहत पर नकारात्मक असर हो सकता है। बालों को स्वस्थ और मजबूत रखने के लिए जरूरी है कि आप आहार की पौष्टिकता का विशेष ध्यान रखें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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