जीवनशैली की गड़बड़ी के कारण लोगों में तमाम तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। आर्थराइटिस या गठिया की समस्या भी इसी तरह की है। आर्थराइटिस में जोड़ों में सूजन और तेज दर्द की दिक्कत होती है, आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ इसके लक्षण बिगड़ जाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कई लोगों को कम उम्र में भी इस तरह की समस्या हो सकती है, खराब जीवशैली को इसका एक प्रमुख कारण माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक चोट, मोटापा, ऑटोइम्यून विकार, जीन या पारिवारिक इतिहास और मांसपेशी में कमज़ोरी जैसी स्थितियां गठिया रोग के जोखिम को बढ़ा देती हैं।
सलाह: आर्थराइटिस रोगियों को इन चार बातों का रखना चाहिए विशेष ध्यान, दर्द और सूजन से मिलेगी राहत
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गतिहीन जीवन शैली है नुकसानदायक
गठिया के रोगी सामान्यतौर पर दर्द के डर के कारण ज्यादा चलते या काम नहीं करते हैं, जिससे शरीर को निष्क्रियता बढ़ जाती है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस तरह की सेडेंटरी लाइफस्टाइल को काफी नुकसानदायक मानते हैं। डॉक्टर्स के मुताबिक ऐसे रोगियों को डॉक्टर की सलाह पर हल्के-फुल्के व्यायाम, वॉकिंग जैसे अभ्यास करते रहने चाहिए। गतिहीन जीवन आपकी दिक्कतों को और बढ़ा सकती है।
अस्वास्थ्यकारी आहार से रहें दूर
आप भी सोच रहे होंगे कि आखिर आहार का गठिया से क्या संबंध है? डॉक्टर्स बताते हैं, यदि आपको गठिया है आपको पौष्टिक भोजन का सेवन अधिक से अधिक करना चाहिए। इससे शरीर का वजन नियंत्रित रहता है और गठिया की जटिलताएं कम होती हैं। शरीर का वजन अधिक होने से जोड़ों पर अधिक तनाव पड़ता है जिसके कारण जोड़ों में दर्द और सूजन बढ़ सकती है।
धूम्रपान की आदत है नुकसानदायक
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जिन लोगों को गठिया की समस्या हो, उन्हें धूम्रपान से तुरंत दूरी बना लेनी चाहिए। अप्रैल 2019 में द जर्नल ऑफ रुमेटोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार धूम्रपान जोड़ों में सूजन की समस्या को बढ़ा सकता है। इसके अलावा, आर्थराइटिस फाउंडेशन के अनुसार, धूम्रपान हड्डियों के द्रव्यमान को कम कर देता है, जिससे आपमें ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
पर्याप्त नींद न लेना
जर्नल आर्थराइटिस केयर एंड रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, नींद पूरी न होने से अधिक दर्द और अवसाद का खतरा बढ़ जाता है। शरीर को पर्याप्त आराम की कमी के कारण जोड़ों में सूजन और दर्द बढ़ जाता है। अच्छी नींद की कमी आपकी सहनशीलता शक्ति को भी कमजोर कर देती है। इसलिए शरीर को पूरा आराम देना और अच्छी नींद बहुत आवश्यक है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।