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7 घंटे या 8 घंटे? आखिर कितनी नींद है आपके लिए जरूरी, जानिए पूरी डिटेल
Tue, 01 Sep 2026 12:59 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Tue, 01 Sep 2026 12:59 PM IST
सार
How Much Sleep Is Enough: अक्सर खूब सोने के बाद भी शरीर काफी थका-थका रहता है। ऐसे में लोगों को लगता है कि उनकी नींद पूरी नहीं हुई। पर, क्या आपको पता है कि आपके शरीर को कितनी नींद की जरूरत होती है, आइए इस लेख में जानते हैं।
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कितने घंटे सोना चाहिए?
- फोटो : AI
How Much Sleep Is Enough: नींद हमारी सेहत, दिमाग और रोजमर्रा की कार्यक्षमता के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर एक व्यक्ति को वास्तव में कितने घंटे सोना चाहिए? अक्सर लोग 8 घंटे की नींद को सभी के लिए जरूरी मानते हैं, जबकि नींद की जरूरत उम्र, जीवनशैली और स्वास्थ्य जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है।
कितने घंटे सोना चाहिए?
- फोटो : AI
कितने घंटे सोना चाहिए?
- नवजात शिशु: लगभग 14–17 घंटे
- शिशु: लगभग 12–16 घंटे,
- छोटे बच्चे: लगभग 10–13 घंटे
- स्कूल जाने वाले बच्चे: लगभग 9–12 घंटे
- किशोर: लगभग 8–10 घंटे
- वयस्क: आमतौर पर 7–9 घंटे
- 65 वर्ष या उससे अधिक: लगभग 7–8 घंटे
कम नींद लेने से क्या हो सकता है?
- फोटो : AI
कम नींद लेने से क्या हो सकता है?
लगातार पर्याप्त नींद न लेने पर दिन में सुस्ती, थकान, ध्यान लगाने में परेशानी, याददाश्त और निर्णय लेने की क्षमता पर असर तथा चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। नींद पूरी न होने से व्यक्ति को सुबह उठने के बाद भी तरोताजा महसूस नहीं होता और दिनभर काम करने की ऊर्जा कम हो सकती है।
इसका असर पढ़ाई, ऑफिस के काम और रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। लंबे समय तक खराब स्लीप हैबिट्स बनाए रखने से शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए रोजाना पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद लेना बेहद जरूरी है।
लगातार पर्याप्त नींद न लेने पर दिन में सुस्ती, थकान, ध्यान लगाने में परेशानी, याददाश्त और निर्णय लेने की क्षमता पर असर तथा चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। नींद पूरी न होने से व्यक्ति को सुबह उठने के बाद भी तरोताजा महसूस नहीं होता और दिनभर काम करने की ऊर्जा कम हो सकती है।
इसका असर पढ़ाई, ऑफिस के काम और रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। लंबे समय तक खराब स्लीप हैबिट्स बनाए रखने से शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए रोजाना पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद लेना बेहद जरूरी है।
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अच्छी नींद के लिए क्या करें?
- फोटो : AI
अच्छी नींद के लिए क्या करें?
अच्छी और गहरी नींद के लिए अपनी दिनचर्या में कुछ आसान बदलाव किए जा सकते हैं। रोज लगभग एक ही समय पर सोने और जागने की कोशिश करें, ताकि शरीर की नींद की आदत नियमित बनी रहे। सोने से पहले फोन, टीवी और दूसरे स्क्रीन का इस्तेमाल कम करें। शाम के बाद चाय, कॉफी और अन्य कैफीन वाली चीजों का सेवन सीमित करना भी फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा, सोने का कमरा शांत, अंधेरा और आरामदायक रखें।
दिन में नियमित शारीरिक गतिविधि या हल्की एक्सरसाइज करने से भी नींद बेहतर हो सकती है। अगर पर्याप्त समय सोने के बावजूद लगातार थकान, दिन में अत्यधिक नींद या नींद से जुड़ी परेशानी बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
अच्छी और गहरी नींद के लिए अपनी दिनचर्या में कुछ आसान बदलाव किए जा सकते हैं। रोज लगभग एक ही समय पर सोने और जागने की कोशिश करें, ताकि शरीर की नींद की आदत नियमित बनी रहे। सोने से पहले फोन, टीवी और दूसरे स्क्रीन का इस्तेमाल कम करें। शाम के बाद चाय, कॉफी और अन्य कैफीन वाली चीजों का सेवन सीमित करना भी फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा, सोने का कमरा शांत, अंधेरा और आरामदायक रखें।
दिन में नियमित शारीरिक गतिविधि या हल्की एक्सरसाइज करने से भी नींद बेहतर हो सकती है। अगर पर्याप्त समय सोने के बावजूद लगातार थकान, दिन में अत्यधिक नींद या नींद से जुड़ी परेशानी बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।