हमारे जीवन में कई ऐसी चीजें होती हैं, जिन्हें करना हमारे लिए बेहद जरूरी होता है। नहीं तो हम कई बीमारियों की चपेट में तक आ सकते हैं। जैसे- हमारा हाथ धोना। कोरोना काल में तो ये और भी जरूरी हो गया था, ताकि हम वायरस के कहर से बचे रहें। हाथ धोना क्यों जरूरी है, और इसके फायदे और महत्व को लेकर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से हर साल 15 अक्टूबर को विश्वभर में 'ग्लोबल हैंड वॉशिंग डे' यानि विश्व हस्त प्रक्षालन दिवस मनाया जाता है। इस बात से इंकार नही किया जा सकता कि हाथ के जरिए ही हम कई बीमारियों का शिकार होते हैं। कोरोना वायरस के अलावा भी कई ऐसी बीमारियां हैं, जो हमें हाथों के जरिए ही शिकार बना लेती है। ऐसे में हाथ धोना कितना जरूरी हो जाता है, ये समझना हमारे लिए जरूरी है। तो चलिए आपको इस बारे में बताते हैं। आप अगली स्लाइड्स में इसके बारे में जान सकते हैं...
Global Handwashing Day 2021: जानें क्यों हाथ धोना है जरूरी, कोरोना ही नहीं, इन चार बीमारियों से भी होती है सुरक्षा
इसलिए हाथ धोना जरूरी है
- दरअसल, हाथ धोना बेहद जरूरी है। डॉक्टर क्षितिजा जाधव कहती हैं कि, अगर हाथों को न धोया जाए या ठीक तरह से न धोया जाए, तो व्यक्ति किसी वायरस या बैक्टीरिया के संपर्क में आ सकता है। इसके कारण हम बीमार हो सकते हैं। इसलिए अगर हाथों को साफ करके धोया जाए, तो हम कई बीमारियों से बचे रह सकते हैं।
हाथ धोने का ये है सही तरीका
- हाथ धोना ही काफी नहीं है, बल्कि हाथो कों ठीक तरह से धोना जरूरी है। साबुन और पानी की मदद से हाथों को कम से कम 20 सेकंड तक धोना चाहिए। इसके बाद एक साफ कपड़े से हाथों को पोंछ लें। ऐसा करने से हाथों के जरिए फैलने वाली बीमारियों का खतरा लगभग न के बराबर हो जाता है।
इन चीजों के बाद हाथ जरूर धोएं
- ये जानना भी जरूरी है कि हाथों को कब धोना चाहिए। दरअसल, खाना खाने से पहले और बाद में, टॉयलेट का इस्तेमाल करने के बाद, गमलों की सफाई करने के बाद, घर की सफाई करने के बाद, जानवरों को छूने के बाद हाथों को जरूर साफ करके धोना चाहिए।
हो सकती हैं ये बीमारियां
- अगर हाथों को न धोया जाए, तो हम कई बीमारियों के शिकार हो सकते हैं। इसमें कोरोना वायरस, पेट में कीड़े होना, हेपेटाइटिस ए, फूड प्वॉयजनिंग, हाथ, मुंह और पैरों से जुड़ी बीमरियां और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां शामिल है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।