हाई ब्लड प्रेशर को हृदय रोगों का प्रमुख जोखिम कारक माना जाता है। इतना ही नहीं जिन लोगों का ब्लड प्रेशर अक्सर बढ़ा हुआ रहता है, उनमें हार्ट अटैक जैसी जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं के विकसित होने का भी खतरा अधिक हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने वाली आदतों को दिनचर्या का हिस्सा जरूर बनाना चाहिए। लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण कम उम्र में ही लोग न सिर्फ हाई ब्लड प्रेशर के शिकार हो रहे हैं साथ ही ये हृदय रोगों का जोखिम भी बढ़ा रही है।
Health Tips: ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में कारगर पाई गई किचन में मौजूद ये एक चीज, क्या आपको है जानकारी?
लहसुन के ब्लड प्रेशर में लाभ
अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि लहसुन के हमारे स्वास्थ्य के लिए कई लाभ हो सकते हैं। सामान्य सर्दी-जुकाम से सुरक्षा देने के साथ ये रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करने की क्षमता रखता है। इससे सिस्टोलिक और डायस्टोलिक दोनों ब्लड प्रेशर को कम किया जा सकता है। असल में लहसुन में एलिकिन नामक औषधीय तत्व होता है, जो एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लामेटरी प्रभावों के लिए जाना जाता है। ये रक्त वाहिकाओं की रक्षा करने के साथ ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में भी लाभकारी हो सकता है।
ब्लड प्रेशर हो सकता है कंट्रोल
लहसुन की प्रभाविकता को जानने के लिए शोधकर्ताओं ने उच्च रक्तचाप वाले लोगों पर इसका अध्ययन किया। प्रतिभागियों को लहसुन वाले स्पलीमेंट्स की खुराक दी गई। इसमें पाया गया कि लहसुन रक्तचाप को कंट्रोल करने में असरदार हो सकता है। इस प्रभाव के कारण हृदय संबंधी घटनाओं का जोखिम 16-40% तक कम हो सकता है। विश्लेषण में पाया गया कि लहसुन का प्रभाव कुछ रक्तचाप की दवाओं के समान था, वहीं इसके दुष्प्रभाव भी कम थे।
रक्त वाहिकाओं को देता है आराम
अध्ययनों की एक अन्य समीक्षा में बताया गया है कि लहसुन में मौजूद एलिकिन, एंजियोटेंसिन II के उत्पादन को सीमित कर सकता है, ये वो हार्मोन है जो रक्तचाप बढ़ाने के लिए जाना जाता है। इसका उत्पादन कम होने से ब्लड प्रेशर के बढ़ने का खतरा कम हो जाता है। इतना ही नहीं एलिकिन, आपकी रक्त वाहिकाओं को भी आराम दे सकता है, जिससे रक्त अधिक आसानी से प्रवाहित होता है और धमनियों पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव कम होता है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में वर्षों से कई औषधियों का इस्तेमाल किया जाता रहा है, इसके परिणाम भी बेहतर देखे गए। लहसुन कई प्रकार से सेहत के लिए लाभकारी हो सकता है, पर इसका मतलब ये नहीं है कि दवाओं की जगह पर इसका सेवन किया जाए। घरेलू उपाय हमेशा सहायक चिकित्सा माने जाते हैं, इसलिए किसी भी रोग के लिए डॉक्टर द्वारा सलाह-जांच और इलाज जरूरी है। डॉक्टर की सलाह पर ही किसी तरह के घरेलू उपचार पद्धतियों को प्रयोग में लाना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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