हाल के वर्षों में जिन मानसिक रोग के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है, डेमेंशिया उनमें से एक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हमारे खान-पान और जीवनशैली का हमारे स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। हाल में वर्षों में ज्यादातर लोगों में बिगड़ी इन दोनों आदतों के कारण डेमेंशिया का निदान कम उम्र वाले लोगों में भी हो रहा है। डेमेंशिया, मानसिक रोगों की एक गंभीर समस्या है जिसमें लोगों में कमजोर याददाश्त, भाषा को समझने, समस्याओं का समाधान कर पाने और सोचने की क्षमता से संबंधित दिक्कतें हो सकती हैं।
अध्ययन: ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करने वालों में डेमेंशिया का खतरा अधिक, कहीं आप भी तो नहीं करते हैं सेवन?
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आहार और मानसिक स्वास्थ्य
वैसे तो आम धारणा है कि शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए स्वस्थ भोजन करना आवश्यक है, पर वास्तव में यह हमारे मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अध्ययनों से पता चलता है कि जंक फूड और भोजन में पोषक तत्वों की कमी के कारण चिंता, तनाव और अवसाद का खतरा बढ़ जाता है। इसी तरह, अस्वास्थ्यकर भोजन की आदतें डेमेंशिया के खतरे को भी बढ़ा देती हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का ज्यादा सेवन करने वाले लोगों में डेमेंशिया का खतरा अधिक हो सकता है।
रिफाइंड कार्ब्स का अधिक सेवन है नुकसानदेय
रिफाइंड कार्ब्स, शरीर में ग्लूकोज के स्तर को बढ़ा देते हैं इसलिए इसे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अन्य प्रकार के कार्ब्स की तुलना में रिफाइंड कार्ब्स तेज़ी से ग्लूकोज में बदल जाते हैं। यह ब्लड शुगर के स्तर में भारी उतार-चढ़ाव का कारण बनते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि समय के साथ रक्त शर्करा के स्तर में लगातार उतार-चढ़ाव से डेमेंशिया और टाइप 2 मधुमेह, दोनों का खतरा बढ़ जाता है।
क्या कहते हैं अध्ययन?
न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि ग्लूकोज के कारण हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा एक अन्य अध्ययन से पता चलता है कि मधुमेह के रोगियों में अन्य लोगों की तुलना में डेमेंशिया होने का खतरा अधिक होता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि बहुत अधिक मात्रा में चीनी का सेवन करने वाले लोगों में मधुमेह के बिना भी डेमेंशिया का खतरा हो सकता है। अधिक चीनी का सेवन मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
खान-पान पर विशेष ध्यान रखने की जरूरत
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक डेमेंशिया के खतरे से बचे रहने के लिए हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले भोजन और रिफाइंड कार्ब्स से परहेज करना चाहिए। इसके अलावा रिफाइंड आटे से बने उत्पादों जैसे ब्रेड, पास्ता, पिज्जा, कुकीज का भी सेवन कम से कम करें। इसकी जगह पर साबुत अनाज और फाइबर युक्त भोजन को खाना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। प्लेट में अधिक से अधिक सब्जियों, फल और फलियां को शामिल करें।
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स्रोत और संदर्भ
Glucose Levels and Risk of Dementia
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