कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के बढ़ते वैश्विक खतरे के बीच दुनिया के कई देशों में 'डेल्मिक्रॉन' के मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि एक तरफ जहां ओमिक्रॉन के तेजी से बढ़ते संक्रमण ने चिंता बढ़ा दी है, वहीं डेल्मिक्रॉन को और भी बड़ी मुसीबत के रूप में देखा जा रहा है। डेल्मिक्रॉन का मतलब- कोरोना के ओमिक्रॉन और डेल्टा वैरिएंट का एक साथ संक्रमण होना है। अमेरिका सहित कई देशों में रोगियों में ओमिक्रॉन और डेल्टा वैरिएंट के संयोजन के मामले सामने आए हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि चूंकि कोरोना के यह दोनों वैरिएंट बहुत संक्रामक और घातक हैं, ऐसे में इनसे एक साथ होने वाला संक्रमण बड़ी मुसीबतों का कारण बन सकता है।
विशेषज्ञों ने बताया: 'डेल्मिक्रॉन' संक्रमण में हो सकते हैं ऐसे लक्षण, गंभीर जटिलताओं का बन सकते हैं कारण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डेल्मिक्रॉन ने बढ़ा दी है चिंता
महाराष्ट्र कोविड-19 टास्क फोर्स के अधिकारी डॉ शशांक जोशी ने एक हालिया रिपोर्ट में बताया कि डेल्टा और ओमिक्रॉन के ट्विन स्पाइक्स से उपजे डेल्मिक्रॉन ने कई देशों में हालात बिगाड़ दिए हैं। कुछ रिपोर्ट्स में डेल्मिक्रॉन के चलते लोगों में गंभीर संक्रमण के मामलों के बारे में भी पता चला है। एक तरफ जहां दुनियाभर के वैज्ञानिक अब भी ओमिक्रॉन के बारे में विस्तार से जानने के लिए अध्ययन कर रहे हैं, ऐसे में डेल्मिक्रॉन ने चिंता और बढ़ा दी है।
क्या हो सकते हैं इसके लक्षण?
रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि चूंकि डेल्मिक्रॉन, डेल्टा और ओमिक्रॉन वैरिएंट के संयोजन से बनी स्थिति है, ऐसे में इसके अत्यधिक संक्रामक और गंभीर लक्षण पैदा की आशंका अधिक हो जाती है। इसकी प्रकृति के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए अभी अधिक शोध की आवश्यकता है। जहां तक इसके लक्षणों की बात है, डेल्टा और ओमाइक्रोन का संयोजन होने के कारण, डेल्मिक्रॉन का संक्रमण कमोबेश उसी तरह के लक्षण पैदा कर सकता है जैसा डेल्टा और ओमिक्रॉन में देखा जा रहा है।
- तेज बुखार
- लगातार खांसी आना।
- गंध या स्वाद की कमी।
- सिरदर्द
- नाक बहना या बंद होना।
- गले में खराश या खरोंच जैसी दर्दकारक स्थिति।
हो सकती हैं गंभीर जटिलताएं
अध्ययनों से पता चलता है कि डेल्टा और ओमिक्रॉन दोनों ही तेजी से फैलने वाले वैरिएंट हैं। डेल्टा वैरिएंट को अध्ययनों में अधिक घातक जबकि ओमिक्रॉन को अधिक संक्रामक माना जा रहा है। ऐसे में डेल्मिक्रॉन के कारण होने वाले संक्रमण में लोगों को गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का जोखिम हो सकता है। हालांकि इसकी प्रकृति के बारे में तब तक कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है, जब तक अध्ययनों से इसकी पुष्टि नहीं हो जाती है। फिलहाल सभी लोगों को लगातार कोविड-19 से बचाव के सभी जरूरी उपायों का पालन करते रहने की जरूरत है।
----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।