दुनिया के कई देशों में कोरोना का संक्रमण अब भी जारी है। भले ही संक्रमण की रफ्तार अभी कम हो पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को लगातार सावधानी बरतते रहने की सलाह देते हैं। हाल के ही एक रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने इंडोनेशिया में कोविड के एक ऐसे वैरिएंट का पता लगाया है जो अब तक के वैरिएंट्स का सबसे अधिक म्यूटेटड वर्जन माना जा रहा है। इसके अलावा अमेरिका के कुछ हिस्सों में अस्पतालों में रोगियों की संख्या में इजाफा देखा गया है। कोरोना संक्रमण के लिए Sars-Cov-2 वायरस को जिम्मेदार माना जाता है।
WHO का अलर्ट: Sars-CoV-2 के बाद अब Mers-CoV का खतरा, गंभीर स्थिति में किडनी फेलियर का रहता है जोखिम
इस साल दर्ज हुआ पहला केस
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अबू धाबी के एक 28 वर्षीय व्यक्ति में MERS-CoV (मिडिल ईस्टर्न रेस्पिरेटरी सिंड्रोम कोरोनावायरस) का मामला दर्ज किया गया है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, मरीज के संपर्क में आए दो अस्पतालों के 108 स्वास्थ्य कर्मियों में भी संक्रमण के लिए परीक्षण किया गया हालांकि उनमें इसके रिपोर्ट नकारात्मक पाए गए।
गौरतलब है कि MERS-CoV भी एक वायरल श्वसन बीमारी है जो कोरोनोवायरस (CoV) के कारण ही होता है। इसके लक्षण कोरोना संक्रमण से ही मिलते-जुलते हो सकते हैं।
MERS-CoV और इसके लक्षण
MERS-CoV को सबसे पहले सऊदी अरब में रिपोर्ट किया गया था। तब से मध्य पूर्व के अन्य देशों और अफ्रीका, यूरोप, एशिया और संयुक्त राज्य अमेरिका में भी इसकी पुष्टि की जा चुकी है। इस संक्रमण के लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कुछ संक्रमितों को बुखार और खांसी हो सकती है जिसके आगे चलकर निमोनिया में बदलने की भी आशंका होती है। इसके अलावा रोगियों को पेट दर्द, मतली, उल्टी और दस्त जैसे पाचन तंत्र के लक्षणों का अनुभव भी हो सकता है।
गंभीर रोगकारक भी हो सकता है ये संक्रमण
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, MERS-CoV संक्रमण के लक्षण गंभीर रोगकारक भी हो सकते हैं, जिसमें कुछ रोगियों में गंभीर श्वसन समस्या या किडनी फेलियर भी देखी जाती रही है। 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वालों या जिन लोगों को कोई क्रोनिक बीमारी जैसे (मधुमेह, किडनी या फेफड़ों की बीमारी) है उनमें इसके गंभीर रोग होने का खतरा सबसे अधिक होता है।
कैसे करें इस संक्रमण से बचाव
मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक MERS-CoV ज्यादातर उन लोगों में फैलता है जो चरवाहों या ऊंट के संपर्क में आते हैं। इसके अलावा किसी संक्रमित व्यक्ति के साथ रहने से भी इसके संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है। MERS-CoV संक्रमण को रोकने के लिए वर्तमान में कोई टीका नहीं है। लेकिन कुछ उपायों को अपनाकर इसके जोखिमों को कम करने में मदद मिल सकती है।
- अपने हाथ धोते रहें। साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोएं।
- खांसते या छींकते समय अपनी नाक और मुंह को रुमाल से ढकें।
- बार-बार छुई जाने वाली सतहों को छूने के बाद हाथों की स्वच्छता का विशेष ख्याल रखें।
- बीमार लोगों के साथ व्यक्तिगत चीजों को साझा न करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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