वैश्विक स्तर पर कोरोना संक्रमण का खतरा पिछले तीन साल से अधिक समय से बना हुआ है। इस दौरान कई वैरिएंट्स सामने आए जिसमें से कुछ बेहद संक्रामक जबकि कुछ गंभीर रोगकारक थे। वैसे तो दुनिया के कई देशों में फिलहाल कोरोना की स्थिति काफी नियंत्रित है, फिर भी कुछ हिस्सों में ओमिक्रॉन वैरिएंट्स के मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं।
Covid-19: कोरोना के अब तक के सबसे म्यूटेटेड वैरिएंट का पता चला, वैज्ञानिकों का अलर्ट- अभी टला नहीं है खतरा
113 से अधिक म्यूटेशन वाला वैरिएंट
रिपोर्ट्स में साझा की गई जानकारियों के मुताबिक जर्काता में रोगी के स्वाब सैंपल से इस वैरिएंट का पता चला है, इसमें 113 यूनिक म्यूटेशंस हैं, इसमें से 37 म्यूटेशन इसके स्पाइक प्रोटीन की प्रभावित कर रहे हैं। यहां जानना जरूरी है कि स्पाइक प्रोटीन, वायरस को मनुष्यों में फैलने में सक्षम बनाता है और कोविड-19 वैक्सीन को भी टारगेट करने में इसकी भूमिका होती है।
अब तक ओमिक्रॉन वेरिएंट में सबसे अधिक 50 म्यूटेशंस के बारे में पता चला था, इसके विपरीत इसमें 113 म्यूटेशंस हैं जो वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ाने वाले हो सकते हैं।
टीके की प्रभावकारिता भी हो सकती है कम
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस वैरिएंट में देखे गए अत्यधिक म्यूटेशन इसे प्रतिरक्षा और टीके की प्रभावकारिता को कम करने वाला बनाते हैं। इस वैरिएंट के बारे में अभी ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है।
वारविक यूनिवर्सिटी के वायरोलॉजिस्ट प्रोफेसर लॉरेंस यंग ने बताया कि फिलहाल यह समझा नहीं जा सका है कि यह स्ट्रेन दूसरों को संक्रमित कर सकता है या नहीं? हमें कोरोना को हल्के में लेने की गलती नहीं करनी चाहिए, जिस प्रकार से वायरस में लगातार म्यूटेशंस जारी हैं, उसके चलते यह मान लेना बिल्कुल सही नहीं है कि कोरोना संक्रमण का जोखिम कम या खत्म हो गया है।
क्या कहते हैं वैज्ञानिक?
प्रोफेसर लॉरेंस यंग कहते हैं, वायरस में जारी म्यूटेशन इस बात को लेकर भी जोखिमों को बढ़ाने वाला है कि हम भविष्य में और भी संक्रामक और घातक कोरोना वैरिएंट का सामना कर सकते हैं। इससे कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में गंभीर संक्रमण और इसके दीर्घकालिक दुष्प्रभावों का जोखिम भी अधिक हो सकता है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कोई वैरिएंट चिंता का विषय तभी बनता है जब वह तेजी से फैलता है। अभी तक, यह स्पष्ट नहीं है कि इस नए स्ट्रेन में दूसरों को व्यापक रूप से संक्रमित करने की क्षमता है या नहीं?
गंभीर रोग विकसित होने का जोखिम
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि नए वैरिएंट्स में देखे जा रहे म्यूटेशन इसे अधिक प्रभावी तरीके से लोगों के शरीर में बनी प्रतिरक्षा प्रणाली को बाधित करने के योग्य बनाती है। चूंकि यह नया वैरिएंट डेल्टा का म्यूटेटेड वर्जन है ऐसे में आशंका है कि इससे गंभीर रोगों के विकसित होने का भी खतरा हो सकता है। गौरतलब है कि 2021 में सामने आया कोविड का डेल्टा वैरिएंट दुनियाभर में बड़ी संख्या में लोगों में संक्रमण का कारण बना था, इसके कारण मृत्युदर भी अधिक देखी गई थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इंडोनेशिया में देखे गए नए वैरिएंट के बारे में विस्तार से समझने के लिए शोध जारी है।
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स्रोत और संदर्भ:
Scientists discover the 'most mutated Covid variant ever' lurking in a patient in Indonesia
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