Medically Reviewed by Dr. Saurabh Mayank
डॉ. (मेजर) सौरभ मयंक
फिजिशियन, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एमडी (मेडिसिन)
प्यास लगना स्वभाविक है। खासकर गर्मियों में लोगों को ज्यादा प्यास लगती है, क्योंकि इस मौसम में पसीना ज्यादा निकलता है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। वैसे तो इंसान को प्यास हमेशा लगती है, चाहे कोई भी मौसम हो, इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीने या तरल पदार्थ लेने की जरूरत होती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि शरीर में पानी की कमी से कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए हर साल इसकी कमी को पूरा करना जरूरी होता है। कई बार लोग ज्यादा मेहनत कर लेते हैं या मसालेदार खाना खा लेते हैं, तो भी अधिक प्यास लगने लगती है, लेकिन अगर आप पर्याप्त मात्रा में पानी पीते हैं और फिर भी आपको बार-बार प्यास लगती है और गला सूखता है, तो यह किसी बीमारी का संकेत हो सकता है। आइए जानते हैं उन पांच बीमारियों के बारे में, जिसमें बार-बार गला सूखने की समस्या हो सकती है।
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डायबिटीज
- डायबिटीज में गला सूखने और बार-बार प्यास लगने की समस्या इसके सबसे आम लक्षणों में से एक है। दरअसल, इस बीमारी से पीड़ित मरीजों को बार-बार पेशाब आता है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इस स्थिति में प्यास बढ़ती है और हमेशा गला सूखा हुआ सा महसूस होता है।
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एनीमिया
- विशेषज्ञ कहते हैं कि जब शरीर में पर्याप्त मात्रा में लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण नहीं हो पाता है, तो एनीमिया की समस्या हो सकती है। बार-बार प्यास लगना और गला सूखना इसका एक लक्षण हो सकता है। कमजोरी, अधिक थकान महसूस होना, चक्कर आना, हाथ और पैर में ठंड लगना और सिरदर्द जैसी समस्याएं भी एनीमिया के लक्षणों में शामिल हैं।
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हाइपरकैल्सीमिया
- शरीर में कैल्शियम की अधिकता को हाइपरकैल्सीमिया कहा जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें खून में कैल्शियम का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है। इससे पीड़ित व्यक्ति को बार-बार पेशाब लगता है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है और गला सूखा हुआ सा महसूस होता है। मिचली, थकान, उल्टी महसूस होना, लगातार पेट में दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द भी इसके लक्षण हो सकते हैं।
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ड्राई माउथ
- विशेषज्ञ कहते हैं कि जब सलाइवा ग्लैंड पर्याप्त मात्रा में सलाइवा का उत्पादन नहीं कर पाता है और मुंह सही से गीला नहीं हो पाता है, तो ड्राई माउथ की समस्या हो सकती है। इसलकी वजह से गला हमेशा सूखा हुआ सा महसूस होता है और बार-बार प्यास लगती है। इस स्थिति में लोगों के होठ भी फट जाते हैं और कभी-कभी खाना निगलने में भी परेशानी होती है।