शरीर से आने वाली बदबू और पसीने से बचने के लिए हम सभी तरह-तरह के उपाय करते रहते हैं। गर्मियों और मानसून के समय में वातावरण में आद्रता के साथ यह समस्याएं और बढ़ जाती है। पसीने के कारण आने वाली बदबू आपको लोगों के बीच में असहज महसूस करा सकती है, यही कारण है कि इस समस्या से बचे रहने के लिए लोग तरह-तरह के डियोड्रेंट और परफ्यूम का इस्तेमाल करते हैं। इन प्रसाधनों को इस्तेमाल आपको तरोताजा और खुशबूदार तो बना देता है, पर क्या आप इससे होने वाले नुकसान के बारे में जानते हैं? कई अध्ययनों में वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि डियोड्रेंट और परफ्यूम का ज्यादा इस्तेमाल आपको कैंसर जैसे गंभीर रोग का शिकार बना सकता है।
सावधान: तरोताजा महसूस करने के लिए कहीं आप भी तो नहीं करते हैं इन चीजों का इस्तेमाल, हो जाएंगे कैंसर के शिकार
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परफ्यूम और डियोड्रेंट में हो सकते हैं हानिकारक रसायन
ब्रेस्ट कैंसर प्रीवेंशन पार्टनर्स (बीसीपीपी) में छपे अध्ययन में शोधकर्ताओं का कहना है कि परफ्यूम बनाने और इसकी खुशबू को लंबे समय तक बरकरार रखने के लिए कंपनियां इसमें कई तरह के ऐसे रसायनों का करती हैं जिनके संपर्क में आने तक से हमें स्वास्थ्य संबंधी गंभीर बीमारियों का खतरा हो सकता है। परफ्यूम और डियोड्रेंट में कई तरह के ऐसे सिंथेटिकों को भी मिलाया जाता है जो त्वचा को बहुत नुकसान पहुंचा सकती हैं। अब सोचिए जिस परफ्यूम को आप दिन में दो से चार बार प्रयोग में ला रहे हैं उससे आपको कितना नुकसान हो रहा है।
बीसीपीपी के पॉलीसी डायरेक्टर जेनेट न्यूडेलमैन ने एक रिपोर्ट में दावा किया था कि इस तरह के उत्पादों में कम से कम 4000 तरह के रसायनों का प्रयोग किया जाता है लेकिन आप इन्हें परफ्यूम के बॉटल पर अंकित नहीं पाएंगे। कंपनियां लोगों से इन्हें छिपाकर रखती हैं।
उत्पादों में हो सकते हैं ऐसे हानिकार रसायन
जानकारों की मानें तो परफ्यूम में फ्थेलेट्स, मस्क कीटोन और फॉर्मलडिहाइड जैसे रसायनों को प्रयोग में लाया जाता है। फ्थेलेट्स के उपयोग को कई देशों ने बैन कर रखा है। इससे एकाग्रता में परेशानी, मस्तिष्क के विकास संबंधी दिक्कतों के साथ तंत्रिका तंत्र से संबंधित बीमारियां होने का डर रहता है। इसके अलावा मस्क कीटोन ऊतकों और ब्रेस्ट मिल्क में आसानी से घुल जाता है जिससे नवजात को कई प्रकार की बीमारियां होने का खतरा रहता है।
गंभीर बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा
परफ्यूम में इस्तेमाल किए जाने वाले रसायनों से हार्मोनल असंतुलन और स्किन एलर्जी होना सामान्य है। त्वचा से इन रसायनों के संपर्क होते ही आपको भी जलन महसूस होती होगी। कुछ रसायन इतने खतरनाक होते हैं जिनके कारण आपको त्वचा पर चकत्ते, बांझपन और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। इन रसायनों से बचे रहना बहुत आवश्यक होता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हमें सिर्फ ऐसे उत्पादों का चयन करना चाहिए जिनमें रसायनों का उपयोग कम से कम किया गया हो।
महिलाओं को विशेष सावधान रहने का जरूरत
जेनेट न्यूडेलमैन के मुताबिक वैसे तो सभी लोगों को इस तरह के उत्पादों से होने वाली समस्याओं को लेकर अवगत कराया जाता है, लेकिन देखने को मिलता है कि महिलाओं को इन उत्पादों के साइड इफेक्ट्स ज्यादा झेलने पड़ते हैं। इसका मुख्य कराण उनको तरह तरह के सौंदर्य प्रसाधनों का इस्तेमाल करना होता है। औसत अमेरिकी महिला एक दिन में 12-16 उत्पादों का उपयोग करती है, जिनमें से कई में हानिकारक रसायनों का प्रयोग होता है।
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स्रोत और संदर्भ:
Right to Know: Exposing Toxic Fragrance Chemicals Report
अस्वीकरण नोट: यह लेख ब्रेस्ट कैंसर प्रीवेंशन पार्टनर्स जर्नल में प्रकाशित शोध के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। संबंधित विषय के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से सलाह लें।