कैंसर का खतरा वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है, लगभग सभी उम्र के लोग इसके शिकार पाए जा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चिंता जताते हुए कहा कि आने वाले कुछ वर्षों में कैंसर के मामले और भी बढ़ सकते हैं, जिसको लेकर सभी लोगों को निरंतर सावधानी बरतते रहना जरूरी है।
हेल्थ अलर्ट: शरीर को अंदर से डैमेज कर रही हैं ये गड़बड़ आदतें, बढ़ सकता है कैंसर का खतरा
Cancer Alert: कैंसर का खतरा उम्र बढ़ने के साथ बढ़ता है, लेकिन अब कम उम्र में भी मामले सामने आ रहे हैं। खानपान की गड़बड़ी, मोटापा, शराब और धूम्रपान इसके जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
देश में कैंसर का खतरा
अमर उजाला में प्रकाशित हालिया रिपोर्ट में हमने बताया कि किस तरह से उत्तर प्रदेश में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने 2026 के राज्यवार आंकड़े और अनुमान जारी किए हैं। इसके अनुसार, अभी देशभर में हर साल करीब 15.6 लाख नए मामले सामने आते हैं। जिस गति से कैंसर का खतरा बढ़ता जा रहा है ऐसे में साल 2030 तक ये आंकड़ा बढ़कर 17.5 लाख होने की आशंका जताई गई है। सबसे ज्यादा नए अनुमानित कैंसर के मामले उत्तर प्रदेश में (2,31,671) हैं। इसके बाद महाराष्ट्र में 1,33,825 और पश्चिम बंगाल में 1,20,444 मामले अनुमानित हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बढ़ती उम्र के साथ कैंसर का खतरा भी बढ़ने लग जाता है।
- आंकड़ों के मुताबिक ज्यादातर लोगों में कैंसर निदान की औसत आयु 66 वर्ष है। हालांकि समय के साथ कम उम्र के लोगों में भी इसका खतरा बढ़ते हुए देखा गया है।
- इसलिए जरूरी है कि समय रहते इसके लक्षणों की पहचान और स्क्रीनिंग जरूर की जाए।
- कम उम्र से ही बचाव के तरीकों को प्रयोग में लाकर भी कैंसर को जोखिमों से बचाव करने में मदद मिल सकती है।
कहीं आपकी थाली से तो नहीं है इसका कनेक्शन?
कैंसर से बचाव में खानपान की बड़ी भूमिका हो सकती है। लंबे समय तक अस्वस्थ और असंतुलित आहार लेने से वजन बढ़ने और मोटापे की दिक्कत हो सकती है, जो कई तरह के कैंसर का जोखिम बढ़ाती है।
- ज्यादा वसा वाला भोजन मोटापे के खतरे को बढ़ा सकता है और इससे कोलन, स्तन और प्रोस्टेट कैंसर का खतरा देखा गया है।
- वहीं, स्मोक्ड और बहुत ज्यादा मसालेदार भोजन को पेट के कैंसर का खतरा बढ़ाने वाला माना जाता रहा है।
- इसलिए रोज के भोजन में संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
बढ़ता वजन बढ़ाता है खतरा
मोटापा कैंसर के महत्वपूर्ण जोखिम कारकों में शामिल है। शरीर में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा होने से हार्मोन और शरीर में होने वाली सूजन जैसी प्रक्रियाओं पर असर पड़ सकता है।
- अध्ययनों के अनुसार, मोटापा कम से कम 13 प्रकार के कैंसर के खतरे से जुड़ा हुआ है। इनमें गर्भाशय की अंदरूनी परत का कैंसर, स्तन कैंसर और कोलोरेक्टल कैंसर प्रमुख हैं।
- अमेरिका में करीब 42 प्रतिशत वयस्क मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं। वजन को स्वस्थ सीमा में रखने से कैंसर समेत कई बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
शराब और धूम्रपान से खतरा
शराब और धूम्रपान की आदत कैंसर के जोखिम को बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में से एक हैं। ज्यादा शराब पीने से लिवर को नुकसान पहुंच सकता है और लंबे समय में लिवर कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। इसका असर सिर्फ लिवर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मुंह और मलाशय के कैंसर का जोखिम भी बढ़ सकता है।
- धूम्रपान भी कैंसर के लिए बड़ा जोखिम कारक है। इसलिए इन आदतों से दूरी बनाना कैंसर से बचाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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