फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Alert: सोशल मीडिया की लत शराब-धूम्रपान जितनी खतरनाक, सिकुड़ रहा है बच्चों का मस्तिष्क, अवसाद रोगी भी बढ़े

Abhilash Srivastava अभिलाष श्रीवास्तव
Updated Sat, 14 Jan 2023 09:02 PM IST
विज्ञापन
Effects of Social Media on Mental Health, slowing down child brain development
सोशल मीडिया से प्रभावित हो रहा है मानसिक स्वास्थ्य - फोटो : iStock

रील्स-वीडियो देखना हो या दोस्तों के साथ संपर्क में रहना हो, सोशल मीडिया आज के समय में हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया है। डेटा के मुताबिक 13-47 की आयु के लोगों के दिन का औसत 3-4 घंटे का समय सोशल मीडिया पर बीत रहा है। इस आदत को स्वास्थ्य विशेषज्ञ कई मामलों में सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक मानते आ रहे हैं, विशेषतौर पर बच्चों में बढ़ती यह लत काफी गंभीर हो सकती है।



कुछ रिपोर्ट्स दावा कर रहे हैं कि सोशल मीडिया की लत बच्चों के मानसिक विकास को प्रभावित करने के साथ उनमें अवसाद, चिंता और नकारात्मक भावनाओं को बढ़ा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यह उतनी ही नुकसानदायक लत है जितनी शराब-धूम्रपान की, इसपर सभी उम्र के लोगों को गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।

बच्चों में बढ़ती सोशल मीडिया की लत और उसके दुष्प्रभावों को देखते हुए अमेरिका में एक स्कूल ने कई सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर केस कर दिया है। स्कूल ने शिकायत पत्र में कहा है कि इन कंपनियों ने योजनाबद्ध तरीके से बच्चों को शिकार बनाया है। बच्चों में इसकी आदत बन गई है जिसके कई प्रकार के शारीरिक-मानसिक दुष्प्रभाव देखे जा रहे हैं।

Effects of Social Media on Mental Health, slowing down child brain development
mobile girl new - फोटो : istock

स्कूल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर किया केस

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के सिएटल पब्लिक स्कूल ने सोशल मीडिया को 'मेंटल हेल्थ क्राइसेस' बताते हुए कई सोशल मीडिया कंपनियों पर केस किया है। शिकायत में कहा गया है- सोशल मीडिया बच्चों के मानसिक विकास में बड़ी बाधा बन रही है।

बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है और उनके व्यवहार में भी अजीब तरह का परिवर्तन देखा जा रहा है। बच्चे कुतर्क करते हैं, रवैया अड़ियल हो गया है और यह उनके उम्र के साथ होने वाले मानसिक विकास को भी प्रभावित कर रहा है। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? बच्चों में तनाव-चिंता और अवसाद के मामले भी इस वजह से तेजी से बढ़ रहे हैं।

Effects of Social Media on Mental Health, slowing down child brain development
बच्चों में सोशल मीडिया की लत - फोटो : istock

बच्चों में बढ़ रही है निराशा की भावना

अपनी शिकायत में स्कूल ने कहा, साल 2009 से 2019 के बीच लगातार निराश और हतोत्साहित महसूस करते रहने वाले बच्चों की संख्या में 30 फीसदी का इजाफा देखा गया है। ये कंपनियां विशेषतौर पर बच्चों को आकर्षित करने वाले कंटेट प्रसारित करती हैं जिनसे उनका वॉच टाइम बढ़े, पर दूसरी तरह यह बच्चों में लत का रूप लेती जा रही है, जिसका मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर हो रहा है।

स्कूल ने केस में कहा है, बच्चों में दिख रहे असामान्य व्यवहारिक बदलाव को देखते हुए हमें अपने पाठ्यक्रम को संशोधित करना पड़ा है, जिसमें विषय के रूप में सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों को भी शामिल किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Effects of Social Media on Mental Health, slowing down child brain development
मस्तिष्क के विकास पर हो रहा है दुष्प्रभाव - फोटो : istock

मानसिक स्वास्थ्य को लेकर अध्ययन

प्यू रिसर्च सेंटर के अनुसार, अमेरिका में 69% वयस्क और 81% किशोर सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। इन लोगों का ज्यादातर समय सोशल मीडिया पर ही बीतता है। जिसके कारण अस्पतालों में चिंता, उदासी या बीमार महसूस करने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। साल 2015 के कॉमन सेंस सर्वे में पाया गया कि किशोर हर दिन 9 घंटे तक ऑनलाइन सर्च में अपना समय बिता रहे हैं।

साल 2017 के अध्ययन में कनाडाई शोधकर्ताओं ने पाया कि जो छात्र प्रतिदिन दो घंटे से अधिक समय तक सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं, उनमें मानसिक स्वास्थ्य विकारों, विशेषकर चिंता-डिप्रेशन का खतरा अधिक हो सकता है। सोशल मीडिया का अधिक इस्तेमाल बच्चों के दिमाग को भी सिकोड़ रहा है।

विज्ञापन
Effects of Social Media on Mental Health, slowing down child brain development
सोशल मीडिया के ज्यादा इस्तेमाल से बचें - फोटो : istock

क्या कहते हैं मनोचिकित्सक?

इस बारे में अमर उजाला से बातचीत में वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ सत्यकांत त्रिवेदी कहते हैं, बच्चों में बढ़ती सोशल मीडिया की लत शराब-धूम्रपान की तरह ही नुकसानदायक है। यह न सिर्फ मानसिक विकास को प्रभावित कर रही है साथ ही इसके कारण कम उम्र में डिप्रेशन के मरीज भी बढ़ रहे हैं। बच्चों में असामान्य व्यवहार परिवर्तन देखा जा रहा है, चिड़चिड़ापन-गुस्सा, उदासी, काम में मन न लगने जैसी शिकायतें बच्चों में बढ़ रही हैं।

इसके अलावा सोशल मीडिया/मोबाइल के अधिक इस्तेमाल के कारण नींद भी प्रभावित हो रही है। बच्चों को पर्याप्त नींद नहीं मिल पा रहा है जिसके कारण भी अवसाद और याददाश्त से संबंधित विकार बढ़ रहे हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed