डॉ विक्रमजीत सिंह
कोरोना महामारी की दूसरी लहर से मुकाबले और संभावित तीसरी लहर के असर को कम करने के लिए विशेषज्ञ टीकाकरण को ही सबसे प्रभावी उपाय मान रहे हैं। देश में फिलहाल 18 साल से ऊपर के लोगों के टीकाकरण की व्यवस्था की गई है, हालांकि वैक्सीन की कमी फिलहाल चिंता का विषय बनी हुई है। इस बीच देश के कुछ हिस्सों से 'वैक्सीन कॉकटेल' की खबरें सामने आ रही हैं। वैक्सीन कॉकटेल मतलब- पहली और दूसरी डोज में दो अलग-अलग टीकों का इस्तेमाल करना।
उत्तर प्रदेश के जिला सिद्धार्थनगर में ऐसे ही 20 लोगों को पहली और दूसरी खुराक में अलग-अलग वैक्सीन देने का मामला सामने आया है। आइए विशेषज्ञों से जानते हैं क्या वैक्सीन कॉकटेल नुकसानदायक है? शरीर पर इसका किस तरह से प्रभाव हो सकता है?
विशेषज्ञ से जानिए: क्या हो अगर दोनों डोज में लग जाएं अलग-अलग टीके? 'वैक्सीन कॉकटेल' का कैसा होगा असर?
दोनों खुराक में अलग-अलग वैक्सीन
इस विषय पर जानने के लिए हमने डिपार्टमेंट ऑफ इंटरनेल मेडिसिन के डॉ विक्रमजीत सिंह से बात की। डॉ विक्रमजीत बताते हैं कि भारत में बनी दोनों वैक्सीन- कोवैक्सीन और कोविशील्ड की कार्यप्रणाली अलग-अलग है, इसलिए इनका कॉकटेल वैक्सीन की प्रभाविकता को कम कर सकता है। दोनों डोज में वैक्सीन अलग-अलग होने से आपको वैक्सीन का बूस्टर डोज नहीं मिल पाता है। सामान्य तौर पर वैक्सीन की दूसरी खुराक को बूस्टर डोज माना जाता है जोकि शरीर में पहली डोज से बनी एंटीबॉडीज को और मजबूत करने के लिए दी जाती हैं।
वैक्सीनों की संरचना
डॉ विक्रमजीत बताते हैं कि सभी वैक्सीन का 'मकैनिजम ऑफ एक्शन' अलग होता है। जैसे कोविशील्ड वैक्सीन को वायरस के प्रोटीन स्पाइक के आधार पर तैयार किया गया है, इसे वैक्टर वैक्सीन भी कहते हैं। वहीं कोवैक्सीन की डोज में कोविड के निष्क्रिय वायरस को शरीर में इंजेक्ट किया जाता है। ऐसे में अगर दोनों डोज में अलग-अलग वैक्सीन दी जाएं तो इससे वैक्सीन की प्रभाविकता भी कम हो सकती है।
दुष्प्रभावों की आशंका
ब्रिटेन में हुए एक अध्ययन में विशेषज्ञों ने बताया कि वैक्सीन कॉकटेल के कारण अल्पकालिक दुष्प्रभाव बढ़ सकते हैं। ब्रिटिश अध्ययन में, 50 वर्ष से अधिक उम्र के 830 लोगों को पहली खुराक एस्ट्राजेनेका जबकि दूसरी फाइजर वैक्सीन की दी गई। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों ने अलग-अलग वैक्सीन के डोज लिए उनमें एक ही वैक्सीन के दोनों डोज लेने वालों की तुलना में साइड-इफेक्ट्स विकसित होने की आशंका अधिक पाई गई।
वैक्सीन लगवाते समय इन बातों का रखें ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सभी लोगों को वैक्सीन लगवाने के बाद एक कार्ड दिया जाता है जिसपर उन्हें लगी वैक्सीन का नाम लिखा होता है। वैक्सीन की दूसरी खुराक लेने जाते समय इस कार्ड को पास जरूर रखें। वैक्सीन सेंटर पर अधिकारी को कार्ड दिखाकर पहली डोज वाली वैक्सीन ही लगाने के लिए कहें। ऐसा करने से चूक होने की गुंजाइश कम होती है।