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दही खाने के हैं बहुत से फायदे, महिलाओं में सूजन की समस्या को करता है दूर
Sun, 18 Aug 2019 07:53 AM IST
पंखुड़ी सिंह
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: पंखुड़ी सिंह
Updated Sun, 18 Aug 2019 07:53 AM IST
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- फोटो : pixa
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दूध और दही का सेवन करना हमेशा से ही फायदेमंद रहा है। लेकिन आजकल बहुत से लोगों में वीगन डायट का अनुसरण करने का शौक हो गया है। वीगन डायट में जानवरों से जुड़े किसी भी पदार्थ का सेवन नहीं किया जाता है। जिसमें दूध और इससे बने सारे खाद्य पदार्थ भी शामिल होते हैं। इस तरह की डायट को महिलाएं एवं पुरुष दोनों ही फॉलो कर रहें हैं। लेकिन बहुत से शोध में यह पता चला है कि दही का रोजाना सेवन करने से महिलाओं में होने वाली कई तरह की बीमारियों और सूजन को कम किया जा सकता है।
किन बीमारियों में करती है मदद
दही का सेवन करने से आंतों में अच्छे बैक्टीरिया पनपना शुरू कर देते हैं। जो भोजन को पचने में मदद करते हैं। रोज दही खाने से गठिया और अस्थमा जैसे रोगों को घटाने में मदद मिलती है।
दही का सेवन करने से आंतों में अच्छे बैक्टीरिया पनपना शुरू कर देते हैं। जो भोजन को पचने में मदद करते हैं। रोज दही खाने से गठिया और अस्थमा जैसे रोगों को घटाने में मदद मिलती है।
- फोटो : pixa
शोध में क्या पता चला है
जर्नल ऑफ न्यूट्रिशियन पत्रिका में प्रकाशित शोध में बताया गया है कि दही एंडोटॉक्सिन्स को रोकने में सहायक है, जो कि सूजन संबंधी मॉलिक्यूल को बढने से रोकता है। अमेरिका में विस्कॉन्सिन-मैडिसन यूनिवर्सिटी के एक सहायक प्रोफेसर ब्रैड बोलिंग ने शरीर के तंत्र पर दही के प्रभाव का अध्ययन किया। उन्होंने कहा कि एस्पिरिन, नैप्रोक्सेन, हाइड्रोकोर्टिसोन और प्रीडिसोन जैसी एंटी-इनफ्लेमेट्री (सूजन संबधी) दवाओं की मदद से सूजन के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
जर्नल ऑफ न्यूट्रिशियन पत्रिका में प्रकाशित शोध में बताया गया है कि दही एंडोटॉक्सिन्स को रोकने में सहायक है, जो कि सूजन संबंधी मॉलिक्यूल को बढने से रोकता है। अमेरिका में विस्कॉन्सिन-मैडिसन यूनिवर्सिटी के एक सहायक प्रोफेसर ब्रैड बोलिंग ने शरीर के तंत्र पर दही के प्रभाव का अध्ययन किया। उन्होंने कहा कि एस्पिरिन, नैप्रोक्सेन, हाइड्रोकोर्टिसोन और प्रीडिसोन जैसी एंटी-इनफ्लेमेट्री (सूजन संबधी) दवाओं की मदद से सूजन के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
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महिलाओं पर किया अध्ययन
शोधकर्ताओं ने कुछ महिलाओं को शोध में शामिल किया। जिन्हें प्रतिदिन कुछ मात्रा में दही का सेवन करने के लिए दिया गया। इसके अलावा कुछ महिलाओं को बिना दूध वाले पदार्थ खाने को दिए गए। दो महीने के बाद महिलाओं के रक्त की जांच में पाया गया कि जिन महिलाओं ने लगातार दो महीने तक दही का सेवन किया है उनके रक्त में सूजन की मात्रा में कमी देखी गई।