शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जिन चीजों के अधिक सेवन को सबसे हानिकारक माना जाता है, चीनी और नमक उनमें से एक है। अधिक नमक के कारण ब्लड प्रेशर से लेकर हृदय रोग की समस्याओं तक और चीनी वाली चीजों के अधिक सेवन को ब्लड शुगर के स्तर को तेजी से बढ़ाने वाला पाया गया है।
जानना जरूरी: क्या ज्यादा चीनी खाने से कैंसर हो सकता है? विशेषज्ञ बोले- डायबिटीज के अलावा भी इससे कई खतरा
चीनी से कैंसर का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, शरीर की प्रत्येक कोशिका ऊर्जा के लिए रक्त शर्करा (ग्लूकोज) का उपयोग करती है। लेकिन कैंसर कोशिकाएं, सामान्य कोशिकाओं की तुलना में इसका लगभग 200 गुना अधिक उपयोग करती हैं। फेफड़ों में पतली, सपाट (स्क्वैमस) कोशिकाओं में शुरू होने वाले ट्यूमर को अपनी वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए में अधिक ग्लूकोज की जरूरत होती है।
ऐसे में माना जा सकता है कि अगर आप अधिक मात्रा में चीनी का सेवन करते हैं और पहले से ही शरीर में ट्यूमर की समस्या है तो इसके बढ़ने का खतरा अधिक हो सकता है।
क्या कहते हैं शोधकर्ता?
वहीं अमेरिकन कैंसर सोसायटी और नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञ कहते हैं, चीनी कैंसर का कारण बनती है, इसके वैसे तो कोई सबूत नहीं हैं, लेकिन यह मोटापे की समस्या को बढ़ाने वाली जरूर होती है, जिससे आपमें कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
फैट कोशिकाएं एडिपोकिन्स नामक इंफ्लामेटरी प्रोटीन रिलीज करती हैं। ये डीएनए को नुकसान पहुंचा सकती हैं जिससे ट्यूमर का खतरा रहता है। आपके पास जितनी अधिक फैट सेल्स होंगी, इन प्रोटीन्स की आशंका उतनी ही अधिक होगी।
मोटापा और कैंसर का जोखिम
शोधकर्ताओं ने पाया कि अधिक वजन या मोटापा होने से आपमें ब्रेस्ट, लिवर और पेट के कैंसर सहित कम से कम 13 प्रकार के कैंसर का खतरा होता है और चीनी आपमें मोटापे के खतरे को बढ़ाने वाली होती है।
एक अन्य अध्ययन में कैंसर विशेषज्ञों का कहना है कि चीनी से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि कुछ कैंसर, इंसुलिन के उच्च स्तर से शुरू हो सकते हैं। शोध से पता चलता है कि इंसुलिन का उच्च स्तर होने से कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है।
क्या है विशेषज्ञों की सलाह?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, चीनी से कैंसर होता है या नहीं, इसको लेकर हुए अध्ययनों में इसके मिले-जुले परिणाम हैं। सभी लोगों के लिए ऐडेड शुगर वाली चीजों का सेवन कम करना ही बुद्धिमानी है। भले ही आपको डायबिटीज नहीं है फिर भी इसका सेवन कम करें। अध्ययनों में अधिक चीनी के सेवन को मस्तिष्क से संबंधित समस्याओं के जोखिम से जोड़कर भी बताया गया है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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