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Breast Pain: क्या ब्रेस्ट में दर्द का मतलब है कैंसर? जानिए कब ये सामान्य है और कब बरतनी चाहिए सावधानी
Mon, 24 Aug 2026 11:55 AM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Mon, 24 Aug 2026 11:55 AM IST
सार
Breast Cancer Kyu Hota Hai: जब भी किसी महिला के ब्रेस्ट में दर्द होता है तो उन्हें लगता है कि ये ब्रेस्ट कैंसर की वजह से है, पर इस बात में कितनी सच्चाई है, आइए जानते हैं।
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breast pain
- फोटो : AI
Breast Cancer Kyu Hota Hai: ब्रेस्ट में दर्द होते ही क्या आपके मन में भी यह सवाल आता है कि कहीं यह ब्रेस्ट कैंसर का संकेत तो नहीं? ब्रेस्ट में दर्द कब सामान्य माना जाता है और किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए? साथ ही, अगर दर्द के साथ ब्रेस्ट में गांठ, निप्पल से डिस्चार्ज या त्वचा में बदलाव नजर आए तो क्या करना चाहिए? इन सभी सवालों को लेकर महिलाओं के मन में अक्सर चिंता बनी रहती है।
breast pain
- फोटो : AI
क्या ब्रेस्ट में दर्द हमेशा कैंसर का संकेत है?
नहीं, ब्रेस्ट में दर्द होना हमेशा ब्रेस्ट कैंसर का संकेत नहीं होता। तो अगर आपके ब्रेस्ट में हल्का दर्द है, तो इसपर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए।
नहीं, ब्रेस्ट में दर्द होना हमेशा ब्रेस्ट कैंसर का संकेत नहीं होता। तो अगर आपके ब्रेस्ट में हल्का दर्द है, तो इसपर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए।
breast pain
- फोटो : AI
ब्रेस्ट में दर्द होने के आम कारण
ब्रेस्ट पेन यानी मास्टाल्जिया कई वजहों से हो सकता है। सबसे आम कारणों में हार्मोनल बदलाव शामिल हैं। पीरियड्स से पहले दोनों ब्रेस्ट में भारीपन, खिंचाव या दर्द महसूस होना सामान्य हो सकता है। यह दर्द पीरियड शुरू होने के बाद कम भी हो सकता है।
इसके अलावा प्रेग्नेंसी, स्तनपान, मेनोपॉज के दौरान हार्मोनल बदलाव, कुछ दवाएं, ब्रेस्ट या छाती पर चोट और कुछ गैर-कैंसर वाली ब्रेस्ट स्थितियां भी दर्द का कारण बन सकती हैं। कभी-कभी गर्दन, कंधे या पीठ की मांसपेशियों की समस्या का दर्द भी ब्रेस्ट में महसूस हो सकता है।
ब्रेस्ट पेन यानी मास्टाल्जिया कई वजहों से हो सकता है। सबसे आम कारणों में हार्मोनल बदलाव शामिल हैं। पीरियड्स से पहले दोनों ब्रेस्ट में भारीपन, खिंचाव या दर्द महसूस होना सामान्य हो सकता है। यह दर्द पीरियड शुरू होने के बाद कम भी हो सकता है।
इसके अलावा प्रेग्नेंसी, स्तनपान, मेनोपॉज के दौरान हार्मोनल बदलाव, कुछ दवाएं, ब्रेस्ट या छाती पर चोट और कुछ गैर-कैंसर वाली ब्रेस्ट स्थितियां भी दर्द का कारण बन सकती हैं। कभी-कभी गर्दन, कंधे या पीठ की मांसपेशियों की समस्या का दर्द भी ब्रेस्ट में महसूस हो सकता है।
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- फोटो : AI
क्या ब्रेस्ट दर्द और कैंसर का सीधा संबंध है?
नहीं, केवल ब्रेस्ट दर्द को देखकर कैंसर का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर में आमतौर पर दर्द शुरुआती लक्षण नहीं होता। कई मामलों में शुरुआती ब्रेस्ट कैंसर में कोई स्पष्ट लक्षण भी नहीं दिखाई देता। इसलिए ब्रेस्ट में दर्द होने पर घबराने के बजाय यह देखना जरूरी है कि इसके साथ कोई दूसरा असामान्य बदलाव तो नहीं है।
नहीं, केवल ब्रेस्ट दर्द को देखकर कैंसर का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर में आमतौर पर दर्द शुरुआती लक्षण नहीं होता। कई मामलों में शुरुआती ब्रेस्ट कैंसर में कोई स्पष्ट लक्षण भी नहीं दिखाई देता। इसलिए ब्रेस्ट में दर्द होने पर घबराने के बजाय यह देखना जरूरी है कि इसके साथ कोई दूसरा असामान्य बदलाव तो नहीं है।
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- फोटो : AI
ब्रेस्ट कैंसर के किन लक्षणों पर ध्यान दें?
ब्रेस्ट में इन बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:
इनमें से कोई बदलाव कैंसर होने की पुष्टि नहीं करता, क्योंकि कई गैर-कैंसर वाली स्थितियां भी ऐसे लक्षण पैदा कर सकती हैं। लेकिन जांच कराना जरूरी है।
ब्रेस्ट में इन बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:
- ब्रेस्ट या बगल में नई गांठ या सूजन
- ब्रेस्ट के आकार या शेप में नया बदलाव
- निप्पल का अंदर की ओर मुड़ना या उसके आकार में बदलाव
- निप्पल से ऐसा डिस्चार्ज होना जो स्तनपान से संबंधित न हो, खासकर अगर उसमें खून हो
- ब्रेस्ट की त्वचा पर गड्ढे या सिकुड़न दिखाई देना
- त्वचा का लाल, सूजा हुआ या असामान्य रूप से मोटा होना
- बगल में गांठ या सूजन महसूस होना।
इनमें से कोई बदलाव कैंसर होने की पुष्टि नहीं करता, क्योंकि कई गैर-कैंसर वाली स्थितियां भी ऐसे लक्षण पैदा कर सकती हैं। लेकिन जांच कराना जरूरी है।