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कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए वैक्सीनेशन को ढाल के रूप में देखा जा रहा है। देश में 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोग टीके लगवा सकते हैं। हाल ही में वैक्सीनेशन प्रोटोकॉल में बदलाव करते हुए सरकार ने स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी टीकाकरण कराने की अनुमित दे दी है, हालांकि अब भी गर्भवती महिलाओं को इससे बाहर रखा गया है। कोविड वैक्सीन को लेकर लोगों के मन में अब भी तमाम तरह के सवाल हैं। ऐसा ही एक सवाल है कि क्या कोरोना की वैक्सीन पुरुषों और महिलाओं पर अलग-अलग तरह से असर करती है? क्या महिलाओं को साइड-इफेक्ट्स होने का खतरा पुरुषों से ज्यादा होता है?
कुछ रिपोर्टों के अनुसार, पुरुषों की तुलना में भारत में महिलाएं वैक्सीनेशन भी कम करा रही हैं। रिपोर्टस में बताया जा रहा है कि कई तरह के मिथकों जैसे- वैक्सीनेशन के अधिक दुष्प्रभाव, प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक असर के कारण महिलाएं अब भी टीकाकरण से हिचकिचा रही हैं। आइए इस लेख में जानते हैं कि महिलाओं में इस तरह की चिंता कितनी जायज है?
विशेषज्ञ से जानिए: क्या महिलाओं में वैक्सीन के साइड-इफेक्ट्स का खतरा अधिक होता है? जानिए बचाव के उपाय
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक टीकों की तमाम स्तर पर प्रभाविकता जानने के लिए शोध और अध्ययन जारी है। पुरुषों और महिलाओं की बायोलॉजिकल संरचना के चलते इसका असर थोड़ा अलग-अलग जरूर हो सकता है। महिलाओं में हार्मोनल उतार-चढ़ाव के कारण उनमें वैक्सीन की प्रतिक्रिया थोड़ी भिन्न हो सकती है। संभव है कि ऐसे में वैक्सीन के कुछ साइड-इफेक्ट्स भी उनमें अधिक हो सकते हैं। हालांकि इसके बारे में विस्तार से जानने के लिए अभी और अधिक शोध की आवश्यकता है।
फिलहाल सभी महिलाओं को वैक्सीनेशन जरूर कराना चाहिए, इससे न के कोविड-19 की जटिलताओं और जोखिमों को कम किया जा सकता है साथ ही यह कोरोना के कारण होने वाली मृत्यु के खतरे को भी कम कर देती है। वैक्सीनेशन के कारण होने वाली समस्याओं को बिना दवाइयों के कैसे कम किया जा सकता है, आइए जानते हैं।
डॉक्टर बताते हैं कि महिलाओं को वैक्सीन के साइड-इफेक्ट्स के रूप में बुखार के साथ उल्टी और मितली आने की दिक्कत हो सकती है। आप अपने आहार में बदलाव के साथ कुछ घरेलू तरीकों से बिना दवाइयों के भी इसे ठीक कर सकते हैं। कमजोरी और मितली की शिकायतों को दूर करने के लिए नींबू पानी के साथ अदरक और पुदीना मिलाकर पी सकते हैं। इसके अलावा टीका लगवाने के बाद प्रोसेस्ड फूड का सेवन न करें, इससे पेट की ऐंठन और उल्टी की समस्या बढ़ सकती है।
वैक्सीन से होने वाले दुष्प्रभावों से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपने आहार और जीवन शैली को बेहतर कर लें। टीकाकरण के एक दिन पहले अच्छी नींद लें। वैक्सीन लेने से पहले और बाद में अच्छा और पौष्टिक आहार लेने से भी थकान और कमजोरी जैसे साइड-इफेक्ट्स को नियंत्रित किया जा सकता है। टीका लेने के बाद दिन में 3-4 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए।
टीकाकरण के बाद हल्का बुखार होना सबसे सामान्य प्रतिक्रियाओं में से एक है। आप बिना दवाओं के उपयोग के भी बुखार कम करने का प्रयास कर सकते हैं। इसके लिए ठंडी पट्टी का इस्तेमाल करके शरीर के तापमान को नियंत्रित किया जा सकता है। बुखार के साथ ठंड लगने और सिरदर्द को दूर करने के लिए भी कुछ अन्य घरेलू उपायों का प्रयोग दवाइयों से ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
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नोट: यह लेख दिल्ली एम्स में प्रसूति एंव स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ तरंग प्रीत कौर के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। डॉ तरंग प्रीत को महिलाओं के विभिन्न रोगों के इलाज का अनुभव है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।