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Ebola Virus: इबोला से बचाव के लिए आइसोलेशन और समय पर इलाज जरूरी, एक क्लिक में जानें इसके लक्षण
Fri, 22 May 2026 07:53 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Fri, 22 May 2026 07:53 PM IST
सार
Ebola Virus: भारत सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) ने इबोला वायरस को लेकर एक जरूरी स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है। इसके अंतर्गत कुछ देशों के आने वाले लोगों को अपने स्वास्थ्य का खास ध्यान रखना पड़ेगा।
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इबोला वायरस कैसे फैलता है?
- फोटो : AI
Ebola Virus: भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इबोला वायरस को लेकर एक अहम स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है। यह एडवाइजरी विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए है जो डीआर कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान जैसे उच्च जोखिम वाले देशों से भारत आ रहे हैं या वहां से होकर यात्रा कर चुके हैं।
इबोला वायरस कैसे फैलता है?
- फोटो : अमर उजाला
क्या हैं इबोला के लक्षण?
इबोला वायरस संक्रमण के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे ही दिखते हैं, जिससे कई बार लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते। इसमें तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी और थकान, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द शामिल होते हैं।
धीरे-धीरे स्थिति बिगड़ने पर गले में खराश, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं। कुछ गंभीर मामलों में शरीर से असामान्य रक्तस्राव भी देखा जाता है, जैसे नाक, मसूड़ों या शरीर के अंदरूनी हिस्सों से खून आना। यही कारण है कि शुरुआती पहचान बहुत जरूरी मानी जाती है।
इबोला वायरस संक्रमण के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे ही दिखते हैं, जिससे कई बार लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते। इसमें तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी और थकान, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द शामिल होते हैं।
धीरे-धीरे स्थिति बिगड़ने पर गले में खराश, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं। कुछ गंभीर मामलों में शरीर से असामान्य रक्तस्राव भी देखा जाता है, जैसे नाक, मसूड़ों या शरीर के अंदरूनी हिस्सों से खून आना। यही कारण है कि शुरुआती पहचान बहुत जरूरी मानी जाती है।
इबोला वायरस कैसे फैलता है?
- फोटो : Amarujala.com/AI
कैसे फैलता है इबोला
इबोला मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक द्रवों के सीधे संपर्क से फैलता है। इसमें खून, पसीना, उल्टी, लार, मल और अन्य शरीर के तरल पदार्थ शामिल हैं। यदि कोई व्यक्ति इन संक्रमित द्रवों के संपर्क में आता है, तो उसे संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है।
यह बीमारी हवा के माध्यम से नहीं फैलती, लेकिन संक्रमित मरीज की देखभाल करते समय सावधानी न बरतने पर इसका खतरा काफी बढ़ जाता है। इसलिए स्वास्थ्य कर्मियों और यात्रियों को विशेष सतर्कता रखने की जरूरत होती है।
इबोला मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक द्रवों के सीधे संपर्क से फैलता है। इसमें खून, पसीना, उल्टी, लार, मल और अन्य शरीर के तरल पदार्थ शामिल हैं। यदि कोई व्यक्ति इन संक्रमित द्रवों के संपर्क में आता है, तो उसे संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है।
यह बीमारी हवा के माध्यम से नहीं फैलती, लेकिन संक्रमित मरीज की देखभाल करते समय सावधानी न बरतने पर इसका खतरा काफी बढ़ जाता है। इसलिए स्वास्थ्य कर्मियों और यात्रियों को विशेष सतर्कता रखने की जरूरत होती है।
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इबोला वायरस कैसे फैलता है?
- फोटो : adobestock
कब दिखाएं डॉक्टर को?
यदि किसी व्यक्ति ने हाल ही में ऐसे क्षेत्र की यात्रा की है जहां इबोला के मामले पाए गए हैं, और 21 दिनों के भीतर उसे बुखार, कमजोरी, उल्टी, दस्त या असामान्य रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। यात्रा इतिहास बताना बहुत जरूरी है ताकि सही जांच और उपचार समय पर शुरू किया जा सके। देरी करने से स्थिति गंभीर हो सकती है और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
यदि किसी व्यक्ति ने हाल ही में ऐसे क्षेत्र की यात्रा की है जहां इबोला के मामले पाए गए हैं, और 21 दिनों के भीतर उसे बुखार, कमजोरी, उल्टी, दस्त या असामान्य रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। यात्रा इतिहास बताना बहुत जरूरी है ताकि सही जांच और उपचार समय पर शुरू किया जा सके। देरी करने से स्थिति गंभीर हो सकती है और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
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इबोला वायरस कैसे फैलता है?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
क्या ये जानलेवा है?
इबोला एक गंभीर और कई मामलों में जानलेवा बीमारी है। यदि समय पर इलाज और देखभाल न मिले तो यह शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकती है और मृत्यु का कारण बन सकती है। हालांकि सही समय पर पहचान, आइसोलेशन और चिकित्सा सहायता मिलने पर मरीज के बचने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए इसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है और तुरंत चिकित्सा सहायता लेना सबसे जरूरी कदम है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
इबोला एक गंभीर और कई मामलों में जानलेवा बीमारी है। यदि समय पर इलाज और देखभाल न मिले तो यह शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकती है और मृत्यु का कारण बन सकती है। हालांकि सही समय पर पहचान, आइसोलेशन और चिकित्सा सहायता मिलने पर मरीज के बचने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए इसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है और तुरंत चिकित्सा सहायता लेना सबसे जरूरी कदम है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।