अगर डेंगू का मच्छर आपको काट लें तो 7 से 14 दिन बाद शरीर पर दिखता है असर, ये है बचने का उपाय
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-ठंड लगने के बाद अचानक तेज बुखार चढ़ना
-सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना
-आंखों के पिछले हिस्से में दर्द होना, जो आंखों को दबाने या हिलाने से और बढ़ जाता है
-बहुत ज्यादा कमजोरी लगना, भूख न लगना और जी मितलाना और मुंह का स्वाद खराब होना
-गले में हल्का-सा दर्द होना
-शरीर खासकर चेहरे, गर्दन और छाती पर लाल-गुलाबी रंग के रैशेज होना
-नाक और मसूढ़ों से खून आना
-शौच या उलटी में खून आना
-स्किन पर गहरे नीले-काले रंग के छोटे या बड़े चिकत्ते पड़ जाना
-ठंडा पानी पीने से बचें। इसके अलावा मैदा और बासी खाना भी न खाएं।
-खाने में हल्दी, अजवाइन, अदरक, हींग का ज्यादा-से-ज्यादा इस्तेमाल करें।
-इस मौसम में पत्ते वाली सब्जियां, अरबी, फूलगोभी खाने से बचें।
-हल्का खाना खाएं, जो आसानी से पच सके।
-पूरी नींद लें, खूब पानी पीएं और पानी को उबालकर पीएं।
-मिर्च मसाले और तला हुआ खाना न खाएं, भूख से कम खाएं, पेट भर न खाएं।
-खूब पानी पीएं। छाछ, नारियल पानी, नीबू पानी आदि खूब पिएं।
डेंगू के टेस्ट-
अगर व्यक्ति को तेज बुखार, जोड़ों में तेज दर्द और शरीर पर रैशेज दिखाई दें तो तुरंत डेंगू का टेस्ट करवा लें। डेंगू की जांच के लिए शुरुआत में एंटीजन ब्लड टेस्ट (एनएस 1) किया जाता है। इस टेस्ट में डेंगू शुरू में ज्यादा पॉजिटिव आता है, जबकि बाद में धीरे-धीरे पॉजिविटी कम होने लगती है। यह टेस्ट करीब 1000 से 1500 रुपये में होता है। अगर तीन-चार दिन के बाद टेस्ट कराते हैं तो एंटीबॉडी टेस्ट (डेंगू सिरॉलजी) कराना बेहतर है। इसके लिए 600 से 1500 रुपये लिए जाते हैं। डेंगू की जांच कराते हुए वाइट ब्लड सेल्स का टोटल काउंट और अलग-अलग काउंट करा लेना चाहिए। इस टेस्ट में प्लेटलेट्स की संख्या पता चल जाती है। डेंगू के टेस्ट ज्यादातर सभी अस्पतालों और लैब्स में हो जाते हैं। टेस्ट की रिपोर्ट 24 घंटे में आ जाती है। अच्छी लैब्स तो दो-तीन घंटे में भी रिपोर्ट दे देती हैं। ये टेस्ट खाली या भरे पेट, कैसे भी कराए जा सकते हैं।