बारिश का मौसम अपने साथ रिमझिम फुहारों भरा सुहाना मौसम ही नहीं लेकर आता, बल्कि इसी मौसम में डेंगू, मलेरिया के मच्छर सबसे ज्यादा आतंक मचाते हैं।बता दें डेंगू ,मलेरिया एक मादा मच्छर के काटने पर होने वाली बीमारी है। जिसकी वजह से कई बार व्यक्ति की मत्यु तक हो सकती है।यह मच्छर दिन और रात किसी भी समय काट सकता है। ऐसे में डेंगू के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में सही जानकारी होनी बहुत जरूरी है जिससे आप खुद के साथ अपने परिवार को भी इस संक्रमण से बता सकते हैं।
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डेंगू से बचे रहना चाहते हैं तो पहले से ही जान लें लक्षण और बचाव के उपाय
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 23 Sep 2018 12:14 AM IST
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लक्षण
डेंगू के शुरुआती लक्षणों में रोगी को तेज ठंड लगती है, सिरदर्द, कमरदर्द और आंखों में तेज दर्द हो सकता है। इसके साथ ही उसे लगातार तेज बुखार रहता है। इसके अलावा, जोड़ों में दर्द, बेचैनी, उल्टियां, लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
डेंगू के शुरुआती लक्षणों में रोगी को तेज ठंड लगती है, सिरदर्द, कमरदर्द और आंखों में तेज दर्द हो सकता है। इसके साथ ही उसे लगातार तेज बुखार रहता है। इसके अलावा, जोड़ों में दर्द, बेचैनी, उल्टियां, लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
उपचार
चूंकि डेंगू वायरस के कारण होता है इसलिए इसका उपचार किसी एक तरह से संभव नहीं है। डेंगू का उपचार इसके लक्षणों में होने वाले आराम को देखते हुए किया जाता है। ऐसे में जरूरी है कि इन लक्षणों को पहचानकर व्यक्ति बिना देरी के चिकित्सक से मिले और इसका उपचार करवाए। इस दौरान अधिक से अधिक पानी पीने के साथ पूरा आराम करना जरूरी है।
चूंकि डेंगू वायरस के कारण होता है इसलिए इसका उपचार किसी एक तरह से संभव नहीं है। डेंगू का उपचार इसके लक्षणों में होने वाले आराम को देखते हुए किया जाता है। ऐसे में जरूरी है कि इन लक्षणों को पहचानकर व्यक्ति बिना देरी के चिकित्सक से मिले और इसका उपचार करवाए। इस दौरान अधिक से अधिक पानी पीने के साथ पूरा आराम करना जरूरी है।
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डेंगू के उपचार में अगर अधिक देरी हो जाए तो यह डेंगू हेमोरेजिक फीवर (डीएचएफ) का रूप ले लेता है जो अधिक भयावह हो सकता है। डीएचएफ की आशंका दस साल से कम उम्र के बच्चों में सबसे ज्यादा होती है जिसमें उन्हें तेज पेट दर्द, ब्लीडिंग और शॉक जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
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बचाव के उपाय
फिलहाल डेंगू से बचाव के लिए अभी तक कोई टीका नहीं है इसलिए इसके बचाव के लिए हमारी सजगता और भी जरूरी हो जाती है। डेंगू का वायरस मच्छरों द्वारा संक्रमित होता है इसलिए सबसे अधिक जरूरी है कि मच्छरों को घर में बिल्कुल न पैदा होने दें। साफ-सफाई बहुत जरूरी है क्योंकि गंदगी में डेंगू के मच्छरों की आशंका बढ़ जाती है। बाल्टियों व ड्रम में जमा पानी को हमेशा ढंककर रखें और आस-पास के गड्ढे आदि में पानी न जमा होने दें।
फिलहाल डेंगू से बचाव के लिए अभी तक कोई टीका नहीं है इसलिए इसके बचाव के लिए हमारी सजगता और भी जरूरी हो जाती है। डेंगू का वायरस मच्छरों द्वारा संक्रमित होता है इसलिए सबसे अधिक जरूरी है कि मच्छरों को घर में बिल्कुल न पैदा होने दें। साफ-सफाई बहुत जरूरी है क्योंकि गंदगी में डेंगू के मच्छरों की आशंका बढ़ जाती है। बाल्टियों व ड्रम में जमा पानी को हमेशा ढंककर रखें और आस-पास के गड्ढे आदि में पानी न जमा होने दें।