राजधानी दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में इन दिनों डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती हुई देखी जा रही है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजधानी में इस साल मच्छर जनित इस रोग ने पिछले छह साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। डॉक्टर्स के मुताबिक अस्पतालों में रोगियों की संख्या तो बढ़ी है, हालांकि ज्यादातर लोग आसानी से ठीक होकर घर लौट रहे हैं।
Dengue: दिल्ली सहित इन राज्यों में भी बढ़े मरीज, बच्चे हो रहे हैं ज्यादा शिकार, ऐसे लक्षणों पर दें खास ध्यान
बेंगलुरु और पश्चिम बंगाल में भी बिगड़े हालात
हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ महीनों में डेंगू रोगियों की संख्या बढ़ी है। पिछले साल की तुलना में इस बार डेंगू की जांच के मामले करीब चार गुना अधिक हैं। 13 सितंबर तक के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 9.28 लाख से अधिक डेंगू टेस्टिंग की गई है, जबकि इसी अवधि में पिछले साल 2.47 लाख टेस्टिंग हुई थी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को बढ़ते डेंगू को लेकर अलर्ट किया है।
इसी तरह बेंगलुरु में भी संक्रमण के बढ़ते हुए मामले देखे जा रहे हैं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां ज्यादातर बच्चों में रोग की पुष्टि हो रही है।
बच्चों में देखे जा रहे हैं डेंगू के मामले
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया बेंगलुरु में पिछले कुछ दिनों में 4,000 से अधिक डेंगू के मामले सामने आए हैं। लेकिन जिस बात ने खतरे की घंटी बजा दी है वह है बच्चों में संक्रमण की संख्या में वृद्धि।
स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक डेंगू से प्रभावित बच्चों की संख्या पर डेटा जारी नहीं किया है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों में बच्चों की संख्या 'महत्वपूर्ण' है। डॉक्टरों के मुताबिक तेज बुखार की समस्या के साथ बड़ी संख्या में बच्चे अस्पतालों में आ रहे हैं। ज्यादातर में तापमान 103° और 104°F के बीच देखा जा रहा है। कुछ बच्चों में संक्रमण के गंभीर लक्षण विकसित होते हुए भी देखे जा रहे हैं।
इन लक्षणों ने बढ़ाई चिंता
एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक बेंगलुरु में डेंगू का शिकार पाए जा रहे बच्चों में गंभीर रोग के मामले भी देखे जा रहे हैं। इसमें हाथ-पैरों के ठंडे होने की समस्या भी एक है। शरीर में द्रव असंतुलन की समस्या भी देखी जा रही है, जिसके कारण रोग के गंभीर रूप लेने का खतरा अधिक हो सकता है।
डेंगू की गंभीर स्थितियों में रक्त वाहिकाओं में तरल पदार्थ का रिसाव शुरू हो जाता है जिसके कारण गंभीर जटिलाओं का खतरा हो सकता है। डेंगू में प्लेटलेट्स की कमी होना भी खतरनाक हो सकता है।
बचाव के उपाय करते रहना बहुत जरूरी
डॉक्टर कहते हैं जिस तरह से डेंगू के मामले बढ़े हैं, इससे सुरक्षित रहने के लिए जरूरी है कि मच्छरों के काटने से बचाव किया जाए। जल-जमाव के कारण मच्छरों के पनपने का खतरा अधिक होता है, इसलिए खाली बर्तन, कूलर, गमले से पानी को साफ करते रहें। घरों के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। डेंगू के मच्छर दिन के समय में अधिक काटते हैं, इसलिए इस समय बचाव के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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