पिछले एक हफ्ते से राजधानी दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। गिरती एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) और दूषित होती हवा में सांस लेने को सेहत के लिए कई प्रकार से गंभीर समस्याओं का कारक माना जाता है। फेफड़ों से लेकर हृदय और मानसिक स्वास्थ्य से लेकर न्यूरोलॉजिकल विकारों तक, वायु प्रदूषण के कारण कई प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा अधिक हो सकता है। क्या प्रदूषण के कारण कैंसर का जोखिम भी बढ़ जाता है? ये फिलहाल बड़ा सवाल है।
National Cancer Awareness Day: वायु प्रदूषण भी बढ़ा रहा है कैंसर का खतरा, सावधान- महिलाओं में इसका जोखिम अधिक
वायु प्रदूषण के कारण कैंसर का खतरा
वायु प्रदूषण क्या कैंसर का खतरा बढ़ा देती है, इस बारे में समझने के लिए किए गए एक अध्ययन में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अलर्ट किया है। अध्ययनकर्ताओं ने बताया, वायु प्रदूषण पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए कैंसर कारक हो सकती है, इसका उच्च स्तर स्तन कैंसर से लेकर फेफड़े-गले के कैंसर के जोखिमों को बढ़ाने वाली मानी जाती है।
शोध के मुताबिक फेफड़ों के कैंसर के लगभग 10 में से एक मामले के लिए बाहरी वायु प्रदूषण एक कारण हो सकता है। वायु प्रदूषण के कण कोशिकाओं में डीएनए को नुकसान पहुंचाते हैं, इससे इंफ्लामेशन और कैंसर का जोखिम हो सकता है।
ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम
ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में कैंसर से हर साल होने वाली मौतों का प्रमुख कारण रहा है। एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि स्तन कैंसर की घटनाओं में सबसे अधिक वृद्धि उन महिलाओं में रिपोर्ट की गई, जिनका पार्टिकुलेट मैटर स्तर (पीएम 2.5) से संपर्क अधिक था। मोटर वाहन से निकलने वाले धुंआ, तेल-कोयला जलाने या लकड़ी के धुआं आदि में पीएम 2.5 अधिक होता है।
साल 2018 में भारत में महिलाओं में रिपोर्ट किए गए सभी प्रकार के कैंसर में से 27.7% केस स्तन कैंसर थे। भारत में अनुमानित 1,62,468 महिलाओं में स्तन कैंसर का पता चला था। वायु प्रदूषण इसका एक जोखिम कारक हो सकता है।
कैसे कम करें इसका जोखिम?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वायु प्रदूषण से पूरी तरह बचना मुश्किल है, आप एहतियातन कुछ प्रयास जरूर कर सकते हैं। प्रदूषित हवा वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, अगर बाहर जा रहे हैं तो मास्क पहनें जिससे प्रदूषकों को श्वसन मार्ग में प्रवेश से रोका जा सके। कैंसर के खतरे को कम करने के लिए लाइफस्टाइल और आहार को ठीक रखना भी बहुत आवश्यक है। अगर आपमें पहले से ही कैंसर के जोखिम कारक रहे हैं तो इससे बचाव को लेकर डॉक्टर से संपर्क करें।
इनडोर वायु प्रदूषण भी खतरनाक
बाहरी प्रदूषण के अलावा इनडोर वायु प्रदूषण भी आपकी सेहत के लिए हानिकारक है। अध्ययनों से पता चलता है कि इनडोर वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने के कारण भी कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है। इसके अलावा सेकेंड-हैंड स्मोकिंग भी सेहत के लिए गंभीर दुष्प्रभावों वाली हो सकती है।
इनडोर (घर के भीतर की) वायु प्रदूषण के खतरे को कम करने के लिए कमरे में वेंटिलेशन की अच्छी व्यवस्था सुनिश्चित करें और कैंसर से बचाव के लिए उपाय करते रहें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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