दुनियाभर में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। अध्ययनों में इसे अब तक का सबसे संक्रामक वैरिएंट बताया जा रहा है, जिससे लोगों को विशेष बचाव करते रहने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना का यह वैरिएंट उन लोगों में भी संक्रमण का कारण बन रहा है जिनको वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है। विशेषज्ञों के मुताबिक कोविड-19 वैक्सीन संक्रमण से सुरक्षा की गारंटी नहीं है, हालांकि यह गंभीर बीमारी से बचाने और इसके कारण होने वाली मौत के जोखिम को काफी हद तक कम कर देती है। चूंकि वैक्सीनेटेड लोगों में भी संक्रमण का खतरा बना हुआ है ऐसे में बच्चों की सुरक्षा अब भी सबसे बड़ा सवाल बनी हुई है।
Vaccine for Children: दुनियाभर में इन वैक्सीन को मिल चुकी है मंजूरी, जानिए भारत के पास कितने टीके उपलब्ध?
भारत में बच्चों की वैक्सीन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वर्तमान में बच्चों के लिए भारत में आपातकालीन उपयोग के लिए पांच कोविड-19 वैक्सीन को मंजूरी मिल चुकी है। इसमें कोवाक्सिन, जाइकोब-डी, सीरम इंस्टीट्यूट का कोवोवैक्स, बायोलॉजिकल E की आरबीडी बेस्ड वैक्सीन और जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन शामिल हैं। अभी के लिए, बच्चों के लिए उपलब्ध एकमात्र वैक्सीन विकल्प भारत बायोटेक का कोवाक्सिन है। इसे 12 से 18 वर्ष की आयु वर्ग में आपातकालीन स्थिति में प्रतिबंधित उपयोग के लिए मंजूरी दी गई है।
अमेरिका में फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन
संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ के देशों में बच्चों के लिए फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन को मंजूरी दी गई है। यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी ने 5-11 आयु वर्ग के बच्चों के लिए फाइजर-बायोएनटेक की कम खुराक वाले टीके के उपयोग को मंजूरी दी है। यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने 5-18 साल के बच्चों के लिए फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन को आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दी है। अमेरिका में माडर्ना के टीकों को भी मंजूरी मिल चुकी है।
माडर्ना वैक्सीन
स्विट्जरलैंड ने 12 से 15 साल के बच्चों के लिए फाइजर और मॉडर्ना दोनों वैक्सीन को मंजूरी दी है। वहीं इटली ने 12-17 साल के बच्चों के लिए मॉडर्ना के टीके के उपयोग को अपने यहां मान्यता प्रदान की है।
चीन में इन वैक्सीनों को मिली मंजूरी
चीन में बच्चों के लिए सिनोफार्मा और सिनोवैक वैक्सीनों को मान्यता मिल चुकी है। डब्ल्यूएचओ ने अपनी एक हालिया रिपोर्ट में बताया कि यह दोनों टीके सुरक्षात्मक एंटीबॉडी में गिरावट के बावजूद गंभीर बीमारी, अस्पताल में भर्ती होने और ओमिक्रॉन संक्रमण के कारण मृत्यु के खतरे को कम करने में प्रभावी पाए गए हैं। चीन के अलावा इंडोनेशिया ने छह साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए सिनोवैक टीकों को अधिकृत किया है। जबकि अर्जेंटीना ने तीन साल की उम्र तक के बच्चों को सिनोफार्म वैक्सीन देने की मंजूरी दी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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