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कोरोना वायरस: पुरुषों के मुकाबले 'ज्यादा मजबूत' साबित हो रही हैं महिलाएं, क्या है वजह?

Wed, 02 Sep 2020 10:24 PM IST
निलेश कुमार बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Published by: निलेश कुमार Updated Wed, 02 Sep 2020 10:24 PM IST
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Covid 19 Research Study: Why women are more safe than men to Coronavirus Infection and death toll by Corona
भारत में कोविड-19 की चपेट में आकर जान गंवाने वालों में 69 फीसदी पुरुष हैं - फोटो : Pixabay

कोरोना वायरस महिलाओं की तुलना में पुरुषों को ज्यादा बड़ी संख्या में अपना शिकार बना रहा है। दुनिया के कई देशों के बाद अब भारत में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार भारत में कोविड-19 की चपेट में आकर जान गंवाने वालों में 69 फीसदी पुरुष हैं। यानी महिलाओं के मुकाबले कहीं अधिक। एक अंग्रेजी अखबार ने स्वास्थ्य मंत्रालय से मिले आंकड़ों की पड़ताल करके ये जानकारी हासिल की है। अखबार के मुताबिक 22 अगस्त तक देश में कोरोना संक्रमण के कारण 38,973 पुरुषों की मौत हुई थी और 17,315 महिलाओं की। जाहिर है, कोरोना वायरस की चपेट में आकर जान गंवाने वाले पुरुषों की संख्या महिलाओं की तुलना में कहीं ज्यादा है। हालांकि भारत ऐसा पहला देश नहीं हैं, जहां ये देखने को मिला है। इटली, चीन और अमेरिका में भी पुरुष अधिक संख्या में कोरोना वायरस से संक्रमित हुए और उनकी मौतों की संख्या भी महिलाओं से अधिक रही।

Covid 19 Research Study: Why women are more safe than men to Coronavirus Infection and death toll by Corona
महिलाओं की प्रतिरोधक क्षमता पुरुषों के मुकाबले ज्यादा मजबूत है - फोटो : iStock

वजह क्या है?
इसके पीछे क्या वजहें हो सकती हैं? क्या महिलाओं की प्रतिरोधक क्षमता पुरुषों के मुकाबले ज्यादा मजबूत है, जो कोरोना संक्रमण के खिलाफ कवच की तरह काम करती है? क्या इसके पीछे कुछ सामाजिक और आर्थिक कारण भी हैं, जिन्हें सामान्य तौर पर नजरअंदाज कर दिया जाता है? इन्हीं सवालों के जवाब जानने के लिए हमने दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल में कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉक्टर जुगल किशोर से बात की।

Covid 19 Research Study: Why women are more safe than men to Coronavirus Infection and death toll by Corona
Coronavirus - फोटो : iStock

डॉक्टर जुगल किशोर का मानना है कि महिलाओं में प्रतिरोधक क्षमता कम करने वाले ‘रिस्क फैक्टर’ कम होते हैं। उन्होंने कहा, “भारत में धूम्रपान करने वाले पुरुषों की संख्या महिलाओं की तुलना में काफी ज्यादा है। स्मोकिंग और तंबाकू का सेवन इंसान में फेफड़ों से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों को जन्म देता है। इनमें सबसे प्रमुख है- क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मनरी डिजीज (सीओपीडी)।’’

डॉक्टर जुगल किशोर के मुताबिक सीओपीडी ऐसी बीमारी है, जो कोरोना संक्रमण का खतरा काफी हद तक बढ़ा देती है। इतना ही नहीं, सीओपीडी से ग्रसित व्यक्ति अगर कोरोना वायरस की गिरफ्त में आ जाता है, तो उसे ठीक होने में भी ज्यादा मुश्किल होती है।, उस व्यक्ति की तुलना में, जिसमें ये बीमारी नहीं है। वो कहते हैं, “सिगरेट और शराब जैसी चीजों से इंसान का प्रतिरोधी तंत्र (इम्यून सिस्टम) भी प्रभावित होता है। शायद यही वजह है कि पुरुषों का शरीर, महिलाओं की तुलना में कोरोना संक्रमण के सामने कमजोर साबित हो रहा है।”

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Covid 19 Research Study: Why women are more safe than men to Coronavirus Infection and death toll by Corona
Lungss - फोटो : iStock

डॉक्टर जुगल किशोर कहते हैं कि स्मोकिंग, शराब और तंबाकू की वजह से न सिर्फ फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां होती हैं, बल्कि इनसे दिल और लिवर की बीमारियों के साथ-साथ कई तरह के कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा, “अगर किसी को कैंसर जैसी दूसरी गंभीर बीमारियाँ हैं, तो स्पष्ट है कि उस पर कोविड-19 का असर कहीं ज्यादा खतरनाक होगा।”

भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय अपनी वेबसाइट पर दी गई जानकारियों और अपने बयानों में भी यही बात बार-बार दोहरा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर कोरोना से मरने वालों में 70 फीसदी से ज्यादा लोग ऐसे थे, जो ‘कोमोर्बिटीज’ के शिकार थे, यानी पहले से कुछ गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने भी कहा है कि कोविड-19 से होने वाली मौतों का संबंध फेफड़ों की बीमारी, दिल की बीमारी, किडनी की बीमारी और डायबिटीज से भी है।

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Covid 19 Research Study: Why women are more safe than men to Coronavirus Infection and death toll by Corona
Coronavirus infection - फोटो : iStock

कोरोना का खतरा बढ़ाते पुरुष हॉर्मोन
दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर धीरेन गुप्ता इसकी वजह पुरुषों के हॉर्मोन्स को बताते हैं। उन्होंने बीबीसी हिन्दी से बातचीत में कहा, “पुरुषों के हॉर्मोन्स उन्हें संक्रमण के प्रति ज्यादा ग्राह्य (प्रोन) बनाते हैं। पुरुषों में पाया जाने वाला एंड्रोजन हॉर्मोन, कोरोना जैसे वायरस के शरीर में प्रवेश के लिए जिम्मेदार ग्राहक प्रोटीन (TMPRSS2) को ज्यादा सक्रिय कर देता है।’’

डॉक्टर धीरेन कहते हैं कि अबतक के नतीजों को देखकर ऐसा लगता है कि कोरोना वायरस पर महिलाओं का इम्यून रिस्पॉन्स पुरुषों के मुकाबले बेहतर है। उन्होंने कहा, “आम तौर पर वैक्सीन और संक्रमण को लेकर महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले बेहतर असर देखा गया है। इसकी एक वजह ये है कि महिलाओं में दो एक्स (X) क्रोमोजोम्स होते हैं जबकि पुरुषों में एक।”

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