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पिछले दो साल से अधिक समय से दुनियाभर में जारी कोरोना के संक्रमण ने सेहत को बुरी तरह से प्रभावित किया है। महामारी के कारण शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के दुष्प्रभाव देखने को मिले हें। विशेषकर डेल्टा जैसे वैरिएंट से संक्रमण के कारण लोगों को गंभीर जटिलताओं का सामना करना पड़ा। इन सब से अलग लोगों में कोरोना के अप्रत्यक्ष दुष्प्रभाव भी देखने को मिल रहे हैं, मतलब महामारी का असर उन लोगों की सेहत पर भी देखा जा रहा है जो संक्रमण का शिकार भी नहीं रहे थे। अध्ययनों से पता चलता है कि कोरोना महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन और होम आइसोलेशन जैसे नियमों के कारण सामान्य जीवनशैली प्रभावित हुई, जिसका कई तरह से सेहत पर दुष्प्रभाव देखने को मिल रहे हैं।
महामारी के दो साल बाद कई लोग आंखों से संबंधित तमाम तरह की समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जीवनशैली में आए परिवर्तन ने दृष्टि शक्ति पर जबरदस्त दुष्प्रभाव डाला है। महामारी के दौरान आंखों में सूखापन, खुजली, लालिमा, दोहरी दृष्टि, धुंधली दृष्टि से संबंधित शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं। इस दौर की इन समस्याओं को 'डिजिटल आई स्ट्रेन' का नाम दिया गया है। आइए आगे की स्लाइडों में इस समस्या के बारे में विस्तार से जानने को कोशिश करते हैं।
Digital Eye Strain: कोरोना महामारी ने बढ़ा दी है आंखों की समस्याएं, जानिए इसके लक्षण और बचाव के तरीके
डिजिटल आई स्ट्रेन क्या है?
साल 2020 में इंडियन जर्नल ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक महामारी के दौरान कंप्यूटर, मोबाइल और अन्य गैजेट्स का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। इनसे निकलने वाली ऊर्जा तरंगें और नीली रोशनी आंखों के लिए हानिकारक हो सकती है। यह रेटिना कोशिकाओं के फोटोकैमिकल को क्षति पहुंचाती है, जिसके कारण आंखों से संबंधित कई तरह की समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। सामूहिक रूप से इन समस्याओं को डिजिटल आई स्ट्रेन (डीईएस) या कंप्यूटर विज़न सिंड्रोम के रूप में जाना जाता है।
डिजिटल आई स्ट्रेन के क्या लक्षण होते हैं?
अमर उजाला से बातचीत में वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ कमल बी कपूर बताते हैं, महामारी के कारण लोगों का स्क्रीन टाइम काफी बढ़ गया है, जो कई तरह की समस्याओं का कारण बन सकता है। इसके कारण आंखों में खुजली और सूखापन महसूस होना सबसे आम लक्षण हैं। अगर समस्या पर समय रहते ध्यान न दिया जाए या इसके लक्षणों को अनदेखा किया जाए तो इसके कारण व्यक्ति को प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता, धुंधला दिखाई देने और आंखों की पलकों में ऐंठन जैसी समस्या हो सकती है।
आंखों की इन समस्याओं से कैसे बचें?
डॉ कमल बताते हैं, चूंकि इन दिनों सामने आ रहे ज्यादातर केस का मुख्य कारण स्क्रीन टाइम का बढ़ना माना जा रहा है, ऐसे में सबसे पहले हमें इसे कम करने पर ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा आंखों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए समय-समय पर पलकों को झपकाने वाले अभ्यास, आंखों के सामान्य अभ्यास और हरियाली देखने जैसे अभ्यास करने से लाभ मिल सकता है। आंखों की सेहत को ठीक रखने के लिए पौष्टिक आहार का सेवन करना भी आवश्यक है।
क्या है विशेषज्ञ की सलाह?
डॉ कमल कहते हैं, कोरोना के कुछ वैरिएंट्स से संक्रमण के कारण आंखों से संबंधित लक्षणों के बारे में भी पता चलता है। इसमें कुछ संक्रमितों में कंजंक्टिवाइटिस की समस्या देखने को मिल रही है। इसके अलावा पोस्ट कोविड संक्रमण के कारण भी आंखों से संबंधित कुछ दिक्कतें बनी रह सकती हैं। यदि आप कोरोना से संक्रमित रह चुके हैं और आपको लगातार आंखों से संबंधित दिक्कतों का अनुभव होता है तो इस बारे में किसी डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। बताए गए तरीके वैकल्पिक उपचार हैं, इन्हें दवाइयों का विकल्प नहीं माना जा सकता।
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