कोरोना वायरस से जंग में देश दुनिया में नई तकनीकें विकसित की जा रही हैं। कोरोना की जांच से लेकर सुरक्षा किट और बचाव के उपायों से लेकर इसकी दवा और वैक्सीन के लिए लगातार शोध हो रहे हैं। भारत में ही कई तरह के पीपीई किट, जांच किट से लेकर वेंटीलेटर तक बनाने में शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों को सफलता मिल चुकी है। इसी क्रम में आईआईटी आईएसएम (इंडियन स्कूल ऑफ माइंस), धनबाद के वैज्ञानिकों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। वैज्ञानिकों ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए एक खास तरह की पॉलीमेरिक सुपर हाइड्रोफोबिक कोटिंग बनाई है। कपड़े पर इस जादुई कोटिंग के संपर्क में आते ही कोरोना वायरस खत्म हो जाएगा।
Coronavirus: कपड़ों पर इस जादुई कोटिंग से खत्म होगा कोरोना, नैनो तकनीक का कमाल, पीएम ने भी सराहा
मायगोव इंडिया(MyGovIndia) पर दी गई जानकारी के मुताबिक, कोरोनारोधी कवच की इस जादुई कोटिंग से कपड़ों के संपर्क में आते ही वायरस, जीवाणु और फंगस जैसे खतरनाक सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाएंगे। दावा है कि नैनो टेक्नोलॉजी पर आधारित इस तकनीक से कोरोना समेत भविष्य के तमाम वायरस खत्म किए जा सकते हैं।
IIT (ISM), धनबाद द्वारा नैनो टैक्नॉलाजी के उपयोग से ऐसी कोटिंग तैयार की है जिसके संपर्क में आने से वॉयरस और बैक्टीरिया जैसे सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं।
इस कोटिंग के द्वारा कपड़ों को PPE जैसा उपयोगी बनाया जा सकता है। यह अधिक सुविधाजनक होने के साथ ही सुरक्षित भी होगा। pic.twitter.com/ERlQp4PyGP
केंद्रीय मंत्रियों से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक ने इस कोटिंग तकनीक की सराहना की है। केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल, एचआरडी मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और अन्य मंत्रियों ने भी इसकी सराहना की है। पीएम मोदी ने तो मन की बात के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इसक तकनीक की जमकर तारीफ की है।
मैजिकल कोटिंग!#IITISM धनबाद के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी कोटिंग तैयार किया है जिसकी कपड़ों पर अगर परत लगा दी जाए तो उससे वायरस, जीवाणु जैसे सूक्ष्मजीव खुद नष्ट हो जाएंगे और इस कोटिंग से युक्त कपड़े पीपीई की तरह काम करने लगेगा ।#IndiaFightsCorona pic.twitter.com/ocTwXq7n6Y
क्या है ये जादुई कोटिंग?
कोरोना के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत बनाने के लिए IIT(ISM), धनबाद की नई खोज। नैनो टेक्नोलॉजी से एक विशेष कोटिंग तैयार किया है जिसके संपर्क में आते ही वायरस व बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं। अब कपड़े भी पीपीई की तरह काम करेंगे। #IndiaFightsCorona @PMOIndia @PIB_India @MIB_India pic.twitter.com/yeJ7CYZAAL
आईआईटी-आईएसएम, धनबाद के शोधकर्ताओं ने नैनो तकनीक से यह कोटिंग तैयार की है। इस कोटिंग से कपड़ों को पीपीई जैसा उपयोगी बनाया जा सकता है। यह अधिक सुविधाजनक होगा और ज्यादा सुरक्षित भी। सुपर हाइड्रोफोबिक कोटिंग बनाने वाले आइएसएम के रसायन अभियंत्रण विभाग के प्रो. आदित्य कुमार ने बताया कि कई परीक्षणों के बाद इसे तैयार करने में सफलता मिली है।
प्रो आदित्य ने कहा कि कोरोना वायरस कपड़े, प्लास्टिक, मेटल समेत कई सतहों पर जिंदा रहता है। ऐसे में यह कोटिंग कोरोना वायरस से बचाव में कारगर होगी। उन्होंने बताया कि इस तकनीक के पेटेंट कराने पर विचार किया जा रहा है। पेटेंट के बाद कपड़ा बनाने वाली कंपनियों को भी यह दिया जा सकता है। आईआईटी-आईएसएम के निदेशक प्रो.राजीव शेखर ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने संस्थान से संपर्क कर इस पर आगे काम करने का संकेत भी दिया है।
कोरोना के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत बनाने के लिए आईएसएम धनबाद की नई खोज। नैनो टेक्नोलॉजी से एक विशेष कोटिंग तैयार किया है जिसके संपर्क में आते ही वायरस व बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं। अब कपड़े भी पीपीई की तरह काम करेंगे। #IndiaFightsCorona @PMOIndia @PIB_India @MIB_India pic.twitter.com/2f2pPeSuJD
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