लॅाकडाउन ने हमारी जीवनशैली को पूरी तरह से बदल लिया है। हमारी नींद पर भी लॅाकडाउन का गहरा प्रभाव पड़ा है। जिस तरह से शरीर के लिए खाना और पानी जरूरी है, ठीक वैसे ही शरीर के लिए नींद भी जरूरी है। हर चीज का एक लिमिट में होना बहुत आवश्यक होता है।
लॉकडाउन में कम या ज्यादा सो रहे हैं तो संभल जाएं, नींद को लेकर हो सकती है ये गंभीर समस्या
लॅाकडाउन के कारण बदल गई दिनचर्या
- लॅाकडाउन का असर हमारी दिनचर्या पर पड़ा है। लॅाकडाउन से पहले तक हमारा एक रुटीन हुआ करता जिस हिसाब से हम अपने कार्य किया करते थे। लॅाकडाउन की वजह से हमारा पूरा रुटीन ही बदल गया है। रुटीन के बदलने से हमारे सोने के समय में भी बदलाव आ गया।
वर्क फ्रॅाम होम से पड़ा है असर
- लॅाकडाउन की वजह से वर्क फ्रॅाम होम कर रहे लोगों के रुटीन में खासा बदलाव आया है। घर से काम करने का नया अनुभव, काम का अधिक दबाव, खाने के समय में परिवर्तन, अधिक समय तक काम करने से और कोई शारीरिक गतिविधियां न होने से नींद पर गहरा प्रभाव पड़ा है।
जेटलेग की समस्या उत्पन हो रही है
- अचानक से दिनचर्या में बदलाव आ जाने से जेट लेग की समस्या हो सकती है। जेट लेग नींद से जुड़ी समस्या है। बॉडी क्लॉक के बिगड़ जाने से ये समस्या उत्पन होती है। कई विशेषज्ञों के अनुसार लॅाकडाउन में लोगों के सोने के समय में काफी बदलाव देखने को मिले हैं जिस वजह से लोग जेट लेग की समस्या को अनुभव कर रहें हैं।
जेट लेग की समस्या के संकेत
- नींद न आना
- दिनभर जम्हाइयां लेना
- बेवक्त भूख लगना
- थकान
- सिरदर्द
- एकाग्रता में कमी
- चक्कर आना
- घबराहट होना